
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत का वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्य और छात्र गौरव भारती उर्फ गौरव कुमार की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है।
जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की पीठ ने 22 सितंबर को दिए गए अपने आदेश में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। इसके साथ ही सभी संबंधित पक्षों को अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया गया है।
याचिकाकर्ता गौरव भारती ने अपने खिलाफ दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) को चुनौती दी थी। यह एफआईआर 19 अगस्त को नवाबगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 और 353 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत दर्ज की गई थी। इन धाराओं का इस्तेमाल शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने और सार्वजनिक अव्यवस्था या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाले भड़काऊ बयान फैलाने के आरोपों में किया जाता है।
अदालत में अपनी याचिका पेश करते हुए गौरव ने गिरफ्तारी और उसके बाद की आपराधिक कार्यवाही से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उनका मुख्य तर्क यह था कि अगर एफआईआर में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही भी मान लिया जाए, तब भी यह उन अपराधों की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं करता, जिनके तहत मामला दर्ज किया गया है।
पूरा विवाद 16 अगस्त को शुरू हुआ था, जब याचिकाकर्ता ने फर्रुखाबाद के करनपुर मजरा बसमाल स्थित एक सरकारी प्राथमिक स्कूल परिसर में जाकर वहां की बदहाली का वीडियो रिकॉर्ड किया था। याचिका में बताया गया है कि उस दिन स्कूल बंद था और वीडियो में एक बेहद खस्ताहाल इमारत दिखाई गई थी, जिसके एक हिस्से पर कथित तौर पर क्रॉस का निशान लगा था।
इसके अलावा, वीडियो में दिखाया गया था कि स्कूल परिसर में बारिश का पानी भर गया था, जिससे बच्चों के बैठने के लिए कोई जगह नहीं बची थी और मजबूरन उन्हें छुट्टियां देनी पड़ी थीं। याचिकाकर्ता का साफ कहना है कि उसने यह वीडियो पूरी तरह से नेक नीयत से बनाया था, जिसका एकमात्र मकसद सार्वजनिक शिक्षण संस्थान की दुर्दशा और बच्चों को मिल रही सुविधाओं की कमी को उजागर करना था।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें