
उदयपुर- प्रदेश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व बाल विवाहों की रोकथाम के लिए अक्षय तृतीया पर विशेष एक माह का अभियान भारत सरकार, जिला प्रशासन, गायत्री सेवा संस्थान एवं जस्ट राइट द्वारा संचालित किया जा रहा है l जिसके तहत एक दिन में कुल 10 बाल विवाह रोक कर नन्हे बचपन को बचाया गया l
इस अवसर पर बाल अधिकार विशेषज्ञ एवं निदेशक गायत्री सेवा संस्थान डॉ. शैलेन्द्र पंड्या ने जानकारी देते हुए बताया कि "संस्थान द्वारा प्रदेश के चयनित 5 जिलों में बाल विवाह की सूचना देने वाले को 1100 रुपये का पुरस्कार देने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही सूचना देने वाले की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा l जिसके फलस्वरूप एक दिन में कुल 6 बाल विवाह उदयपुर जिले में, 2 बाल विवाह प्रतापगढ़ जिले और 2 बाल विवाह सीकर जिले में टीमों द्वारा रोके जा चुके हैं l
आगामी एक माह विशेष अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्प लाइन के साथ मिलकर संचालित होगा l बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के तहत बाल विवाह किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा और उन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है। लेकिन जमीन पर हमारे गहन जागरूकता अभियानों से जागरूकता बढ़ी है और हालात बदले हैं। अब लोग बाल विवाहों की सूचना दे रहे हैं और प्रशासन तुरंत इसकी रोकथाम के लिए कार्रवाई कर रहा है। यह एक उल्लेखनीय बदलाव है और हमें विश्वास है कि हम 2030 से पहले ही जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।"
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति उदयपुर की कार्यकारी अध्यक्ष यशोदा पणिया ने बताया की संस्थान की सूचना के बाद प्रशासन एवं पुलिस थाना डबोक द्वारा उदयपुर के गाँव भेसड़ा खुर्द थाना डबोक में 6 बाल विवाह रुकवाए गए साथ ही पटवारी, ग्राम सचिव, सरपंच, थाने से पाबंद की करवायी की गई । एक बालक व बालिका को रेस्क्यू कर बाल विवाह रुकवाने के लिए शेल्टर भी करवाया गया l
गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। जिसके द्वारा हालही में 2 बाल विवाह को शून्य भी करवाया गया l जनजाति अंचल से बाल विवाह रोकने हेतु कोर्ट से प्रथम निषेधाज्ञा भी जारी करवाई गई साथ ही प्रशासन, पंचायतों, स्कूलों और धर्मगुरुओं के साथ मिलकर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए स्कूलों, पंचायतों और गांवों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है और जिले में हजारों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। संगठन खास तौर से बाल विवाह के लिहाज से संवेदनशील अक्षय तृतीया जैसे मौकों पर प्रशासन व सरकार के सहयोग से इसकी रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाता रहा है।
अक्षय तृतीया के शुभ दिन की आड़ में बाल विवाह जैसे अपराध को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन व नागरिक समाज संगठनों की सतर्कता से अब अक्षय तृतीया के दिन होने वाले बाल विवाहों की संख्या में खासी कमी आई है लेकिन इसे पूरी तरह रोकने के लिए आमजन को सहयोग देने हेतु संस्थान ने अपील करते हुए सूचना देने हेतु सम्पर्क नम्बर- 823999288 जारी किया है l
बाल विवाह रोकने हेतु मौके पर बाल कल्याण समिति के साथ उदयपुर में गायत्री सेवा संस्थान जिला समन्वयक नितिन पालीवाल,काउंसलर पायल कनेरिया, चाइल्ड हेल्प लाइन से शंकर भोई, डबोक पुलिस थाने से बाल कल्याण अधिकारी मुकेश खटीक प्रतापगढ़ में संस्थान से रामचंद्र मेघवाल टीम के साथ एवं सीकर जिले में नरेश सैनी टीम के साथ उपस्थित रहे ।
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