राजस्थानः मूकबधिर आदिवासी नाबालिग को जिंदा जलाया, पुलिस पर क्यों उठ रहे सवाल?

करौली की घटना पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर जमकर हमला किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में काूनन व्यवस्था चौपट हो चुकी है।
घटना के बाद पुलिस को ज्ञापन सौंपते परिजन व समाज के लोग।
घटना के बाद पुलिस को ज्ञापन सौंपते परिजन व समाज के लोग।

जयपुर। राजस्थान के करौली जिले में जिंदा जलाई गई नाबालिग मूक बधिर बच्ची की इलाज के दरमियान मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक मृतका ने अस्पताल में मूक-बधिर एक्सपर्ट की मौजूदगी में अपना बयान दिया था। बयान में नाबालिग ने आरोप लगाया था कि उसे पेट्रोल डालकर जलाया गया है। पुलिस के मुताबिक फोन में एक दर्जन से ज्यादा तस्वीरें दिखाने के बाद नाबालिग ने ऐसा करने वाले को पहचाना था, जो उसके पड़ोस में ही रहता है। इधर, घटना के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें नेता प्रतिपक्ष जूली ने भजनलाल सरकार पर हमला बोला है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पोस्ट कर लिखा कि ‘भाजपा सरकार में राजस्थान में क़ानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। दलितों को सरेआम पीटपीट कर जान से मारा जा रहा है। नाबालिक बेटियों के साथ जिस प्रकार की दरिंदगी आये दिन सामने आ रही है। राजस्थान में जंगल राज जैसे हालात उत्पन्न हो चुके है।’

उन्होंने आगे कहा कि ‘डबल इंजन की सरकार का दंभ भरने वाली भाजपा की यह पर्ची सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। भजनलाल जी केवल भ्रमण मुख्यमंत्री बनकर रह गए है।’

9 मई को हुई थी घटना

द मूकनायक को नई मंडी थाना प्रभारी राम अवतार यादव ने बताया, "9 मई को मूक बधिर नाबालिग, घर से करीब सौ मीटर दूरी पर एक खेत में झुलसी हालत में परिजनों को मिली थी। मौके से एफएसएल टीम ने सबूत जुटाए हैं और शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया है। अभियुक्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।" इधर, पिता ने पुलिस पर जबरन अंतिम संस्कार का दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने करौली ज़िला पुलिस अधीक्षक को भी पत्र लिखा है।

परिजन के आरोपों और मिली जानकारी के अनुसार हिंडौन सिटी के नई मंडी थाना क्षेत्र की एक मूकबधिर आदिवासी नाबालिग बेटी को दरिंदों ने रेप के बाद जिंदा जला दिया। गंभीर हालत में झुलसी पीड़िता 10 दिन तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ती रही। जिसने सोमवार को जयपुर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मामले में पुलिस की ओर से समुचित कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों ने रोष जताया है। मंगलवार को परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर टोडाभीम में उपखंड अधिकारी व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है।

परिजनों ने बताया कि वो बच्चों के साथ नई मंडी थाना इलाके में किराए के मकान में रह दूध-डेयरी का काम करता है। 11 मई को सुबह करीब 10-11 बजे उसकी 10 वर्षीय मूक बधिर बालिका घर के पास रास्ते में झुलसी अवस्था में मिली। जिसे हिण्डौन के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां से उसे गंभीर हालत में जयपुर रैफर कर दिया। जिसकी सोमवार को जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना में पिता के ओर से नई मंडी थाने में अज्ञात लोगों द्वारा झुलसाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

टोडाभीम एसडीएम सुनीता मीणा एवं पुलिस उपाधीक्षक मुरारीलाल मीना को सौंपे ज्ञापन में परिजनों ने बलात्कार की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि जयपुर में उपचार के दौरान मूक बधिर बालिका से एक्सपर्ट के माध्यम से पूछताछ की और कई लोगों के फोटो दिखा कर तथ्य संग्रहण करने के भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। ज्ञापन सौंपने के बाद परिजनों ने मंगलवार को बालिका के शव की अंत्येष्टि कर दी।

इधर, पीड़िता को न्याय देने के लिए सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चलाया जा रहा है। एक्स पर पीड़िता के अस्पताल में भर्ती होने के वीडियो खूब वायरल हो रहे है। यूजर्स ने पूछा कि हिंडौन सिटी में मूकबधिर आदिवासी नाबालिग बेटी का दरिंदो ने रेप कर शरीर को जला दिया, जिसकी 11 दिन बाद अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना पर सरकार और पुलिस प्रशासन मौन क्यों है?

घटना के बाद पुलिस को ज्ञापन सौंपते परिजन व समाज के लोग।
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