मिशन 2027: मायावती का स्पष्ट ऐलान- यूपी में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा, गठबंधन की खबरों को बताया 'AI जनित फेक न्यूज़'

यूपी चुनाव 2027 में अकेले लड़ेगी बसपा, मायावती ने गठबंधन की खबरों को बताया 'AI जनित फेक न्यूज़', सपा-कांग्रेस और भाजपा पर साधा तीखा निशाना।
बसपा सुप्रीमो मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती
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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने आगामी यूपी विधानसभा चुनाव (2027) को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट ऐलान किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साफ कर दिया है कि बसपा आगामी चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और साल 2007 की तरह अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।

मायावती ने सोशल मीडिया और मीडिया के एक धड़े में चल रही गठबंधन की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)' के जरिए फैलाई जा रही 'फेक न्यूज़' और एक घिनौनी साजिश करार दिया है।

गठबंधन की खबरें पूरी तरह भ्रामक और 'हवाहवाई'

बसपा प्रमुख ने कड़े शब्दों में कहा कि कुछ लोग 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)' का दुरुपयोग करके यह अफवाह फैला रहे हैं कि बसपा अगला विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ेगी। उन्होंने इसे विशुद्ध रूप से जनता को गुमराह करने की नीयत से फैलाई गई मनगढ़ंत और 'कटी पतंग' जैसी खबर बताया। उन्होंने याद दिलाया कि 9 अक्टूबर 2025 को मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर वह पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी।

कांग्रेस, सपा और भाजपा को बताया 'आंबेडकर विरोधी'

मायावती ने विरोधी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सोच संकीर्ण और परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर विरोधी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन पार्टियों से गठबंधन करने पर बसपा को सिर्फ नुकसान होता है। इसलिए बसपा 2027 के मिशन में अकेले पूरे जी-जान से जुटी है।

सरकारी बंगले के विवाद पर दिया करारा जवाब

दिल्ली में 'टाइप-8' सरकारी बंगले के आवंटन को लेकर चल रही राजनीति पर भी मायावती ने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें यह बंगला उनकी हैसियत या विलासिता के लिए नहीं, बल्कि गंभीर सुरक्षा कारणों से आवंटित किया गया है। उन्होंने पहले भी कई बंगले सुरक्षा मानकों पर खरे न उतरने के कारण छोड़ दिए थे।

1995 के 'गेस्ट हाउस कांड' की याद दिलाई

सुरक्षा के मुद्दे को समझाते हुए बसपा सुप्रीमो ने 2 जून 1995 के कुख्यात 'लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड' का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के मुखिया के इशारे पर उन पर जानलेवा हमला हुआ था। उसके बाद बनी बसपा सरकार के दौरान उन्हें तत्कालीन केंद्र सरकार (कांग्रेस) द्वारा विशेष उच्च सुरक्षा दी गई थी। सुरक्षा का यह खतरा कम होने के बजाय और बढ़ गया है, जिसके चलते उन्हें दिल्ली में यह सही सुरक्षित बंगला आवंटित किया गया है।

'विरोधियों के दांत खट्टे करने' का आह्वान

चुनाव नजदीक आते देख मायावती ने आशंका जताई कि विरोधी दल बसपा को सत्ता से दूर रखने के लिए 'साम, दाम, दण्ड, भेद' जैसी हर साजिश रचेंगे। उन्होंने देश भर के आंबेडकरवादियों और बसपा कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इन फर्जी खबरों पर ध्यान न दें और 'हाथी की मस्त चाल' चलते हुए मिशनरी भावना से पार्टी को मजबूत करें, ताकि 2007 की तरह एक बार फिर यूपी में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बन सके।

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