
भोपाल। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर के IDA ग्राउंड में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के पांचवें एडिशन को संबोधित किया। कार्यक्रम का मुख्य विषय सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स था। करीब 60 मिनट के संवाद में राहुल गांधी ने छात्रों से सीधे सवाल-जवाब किए और शिक्षा, भर्ती, बेरोजगारी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं पर उनकी बात सुनी। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम में करीब 20 से 25 हजार युवाओं की मौजूदगी रही।
कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन होने का दावा किया था। कार्यक्रम को प्रशासन की ओर से 31 शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी।
सिस्टम नहीं चाहता कि छात्र सवाल पूछें
छात्रों के साथ संवाद के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सिस्टम नहीं चाहता कि छात्र सवाल पूछें। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वाले युवाओं के बजाय सिस्टम को ऐसे लोग चाहिए जो सवाल न करें। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल किया।
राहुल ने कहा कि छात्रों का सिस्टम से भरोसा उठ गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में उम्मीदवारों की गलतियां भी हो सकती हैं। इस पर सामने बैठे छात्रों ने जवाब दिया- “सर, हम सिस्टम से हार गए।”
राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद करते हुए शिक्षा और रोजगार को सरकार की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि छात्र देश की नींव हैं और शिक्षा कोई लग्जरी नहीं, बल्कि हर छात्र का अधिकार है।
राजगढ़ की सपना गुर्जर ने उठाया 27% आरक्षण का मुद्दा
कार्यक्रम में राजगढ़ की सपना गुर्जर ने मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े भर्ती विवाद का मुद्दा उठाया।
सपना ने कहा कि मार्च 2019 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। उनके मुताबिक सरकार बदलने के बाद 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से हजारों पदों पर ‘होल्ड’ का मुद्दा बना हुआ है और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। सपना ने दावा किया कि उन्होंने खुद दो परीक्षाएं पास की हैं और कई चरणों को पूरा करने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिली।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्तियां रोकी जाती हैं तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा।
MPPSC छात्र बोले- ‘हम ओवरएज हो गए’
सतना के रहने वाले अखिल भारती क्रांति ने MPPSC की तैयारी से जुड़ी समस्याएं राहुल गांधी के सामने रखीं।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में 13 प्रतिशत पदों को होल्ड किए जाने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि कई छात्र प्री, मेंस और इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
अखिल ने कहा कि कई छात्र अब ओवरएज हो चुके हैं। उन्होंने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि लंबे समय तक रिजल्ट और नियुक्ति के इंतजार ने छात्रों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि विंध्य क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त शैक्षणिक सुविधाएं नहीं हैं। गरीब परिवारों के बच्चे तैयारी के लिए इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में नहीं आ पाते। उन्होंने सरकार से विंध्य क्षेत्र में बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग की।
नर्सिंग छात्रा याशिका ने बताई 6 साल की परेशानी
नर्सिंग छात्रा याशिका दानी ने अपनी पढ़ाई में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2020 में नर्सिंग में एडमिशन लिया था, लेकिन 2026 आने के बावजूद उनकी पढ़ाई पूरी नहीं हुई है।
याशिका ने कहा कि वह अभी तीसरे वर्ष में हैं। न तो रिजल्ट समय पर आए और न ही चौथे वर्ष की परीक्षाएं हो सकीं। उन्होंने कहा कि इससे मध्य प्रदेश के हजारों नर्सिंग छात्र प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति बताते हुए कहा कि परिवार के लिए फीस देना मुश्किल था। फीस जुटाने के लिए उन्होंने कॉल सेंटर में काम किया। उनका कहना था कि नर्सिंग की पढ़ाई पूरी नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार में भी परेशानी हो रही है।
याशिका ने राहुल गांधी से छात्रों की इस समस्या का समाधान कराने की मांग की।
राहुल बोले- शिक्षा कोई लग्जरी नहीं, हर स्टूडेंट का हक
राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं पर कहा कि “स्टूडेंट देश का फाउंडेशन होता है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी विशेष वर्ग के लिए सुविधा नहीं होनी चाहिए। किंडरगार्टन से लेकर मिड-डे मील, स्कूल, कॉलेज और रोजगार तक की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार को सिस्टम चलाना चाहिए, लेकिन छात्रों की ओर से उठाए जा रहे सवाल यह बताते हैं कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं के सामने कई समस्याएं हैं।
मंच पर छात्र ने कहा- ‘न डरेंगे, न झुकेंगे’
कार्यक्रम के दौरान माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के छात्र तनय शर्मा मंच पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने उन्हें सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया क्योंकि वह अंधभक्त नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी के सामने कहा- “न हम डरेंगे, न झुकेंगे।”
यह बात उन्होंने राहुल गांधी की उस टिप्पणी के संदर्भ में कही, जिसमें राहुल ने छात्रों के सामने मौजूद व्यवस्था और उससे जुड़े दबावों की चर्चा की थी।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें