
देहरादून: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली स्थल पर कथित शुद्धिकरण से जुड़े विवाद ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित कोतवाली पुलिस स्टेशन में रविवार रात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक सामान्य सफाई कार्य को बेवजह जातिगत रंग देकर समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की।
यह एफआईआर हल्द्वानी की जवाहर नगर कॉलोनी के निवासी अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई है। अमित श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा समिति के सदस्य हैं और अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 196 और 299 के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(q) के तहत मामला कायम किया है।
अपनी शिकायत में अमित कुमार ने दावा किया है कि रामलीला मैदान में जो नियमित सफाई का काम हुआ था, उसे राहुल गांधी ने दिल्ली में 11 अगस्त को अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छुआछूत और आपराधिक कृत्य बता दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि कांग्रेस नेता ने अधूरे और गलत तथ्यों के आधार पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में दुश्मनी को बढ़ावा मिला है।
इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि नैनीताल के एसएसपी टी.सी. मंजूनाथ ने की है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता अमित ने अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए पुलिस को सभी जरूरी सबूत सौंप दिए हैं। इन्हीं साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए यह एफआईआर दर्ज की गई है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत जांच एएसपी अमित सैनी के नेतृत्व में की जाएगी।
इस पूरे सियासी बवाल की जड़ 8 अगस्त को हुई एक घटना से जुड़ी है। उस दिन मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। इस रैली के ठीक दो दिन बाद दक्षिणपंथी समूह 'श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन' के सदस्यों ने उसी मैदान में 'शुद्धिकरण' के लिए बाकायदा एक हवन का आयोजन किया।
संगठन से जुड़े लोगों का स्पष्ट कहना था कि उन्होंने यह हवन कांग्रेसियों द्वारा रैली में लगाए गए नारों के जवाब में किया था। इसके अलावा, वे खड़गे के उस पुराने बयान का भी विरोध कर रहे थे जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भाजपा और आरएसएस की तुलना एक 'जहरीले सांप' से की थी।
हवन की इस घटना के बाद राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया था। मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद इस मुद्दे को राज्यसभा में जोर-शोर से उठाया। उन्होंने मांग की थी कि हल्द्वानी में मंच को "शुद्ध" करने वालों के खिलाफ छुआछूत विरोधी कानूनों के तहत केस दर्ज कर उन्हें तुरंत जेल भेजा जाए। इस मुद्दे को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पूरे उत्तराखंड में लगातार अपना विरोध प्रदर्शन भी जता रही है।
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