5 राज्यों के चुनाव परिणामों पर राहुल गांधी का हमला, कहा– ‘संस्थाओं की मदद से लोकतंत्र पर कब्जा कर रही भाजपा, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में चुनाव चोरी"

बंगाल और असम के नतीजों को बताया ‘प्लेबुक’ का हिस्सा, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों का दिया उदाहरण; चुनाव आयोग की भूमिका पर भी उठाए सवाल
Rahul Gandhi
विपक्ष के नेता राहुल गांधी(IANS)
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भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को आए नतीजों के बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव परिणाम किसी सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का नतीजा नहीं हैं, बल्कि एक सुनियोजित “प्लेबुक” का हिस्सा हैं, जिसे पहले भी कई राज्यों में लागू किया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है और जनता के जनादेश को कमजोर किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने अपने बयान में सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बंगाल में 100 से अधिक सीटों पर जनादेश की “चोरी” हुई है और यह सब चुनाव आयोग की निगरानी में हुआ।

राहुल के अनुसार, यह स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है, क्योंकि जिन संस्थाओं को निष्पक्ष रहकर चुनाव कराना चाहिए, वही अब सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यही स्थिति जारी रही तो देश में चुनाव की विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी।

अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए पुराने राजनीतिक घटनाक्रम को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मध्य प्रदेश में चुनी हुई सरकार को गिराकर सत्ता परिवर्तन कराया गया था, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ था और अब उसी मॉडल को अन्य राज्यों में भी लागू किया जा रहा है। राहुल ने इसे “सत्ता का अपहरण” करार देते हुए आरोप लगाया कि जनता के वोट और जनमत की अनदेखी कर राजनीतिक फायदे के लिए संस्थाओं का दुरुपयोग किया गया।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा चुनावों से पहले ही मतदाता सूचियों और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करती है और जहां परिणाम उसके पक्ष में नहीं आते, वहां “हॉर्स ट्रेडिंग” या दबाव की राजनीति के जरिए सत्ता हासिल की जाती है। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि यह एक सुनियोजित रणनीति है, जिसमें पहले चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जाता है और बाद में राजनीतिक जोड़-तोड़ के जरिए सत्ता पर कब्जा किया जाता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि यह प्रवृत्ति देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है।

राहुल गांधी ने अपने अंग्रेजी ट्वीट में लिखा कि असम और बंगाल के चुनाव “स्पष्ट रूप से चोरी” के उदाहरण हैं, जिन्हें भाजपा ने चुनाव आयोग के समर्थन से अंजाम दिया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें “चुराई गईं”। राहुल ने आगे कहा कि यह पैटर्न नया नहीं है और इसे पहले मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी देखा जा चुका है।

इस बयान के साथ ही राहुल गांधी ने एक तरह से राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी पारदर्शिता और संस्थाओं की स्वतंत्रता का मुद्दा फिर से उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संस्थाओं की “चोरी” नहीं रुकी, तो देश में चुनाव का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

राहुल गांधी ने अंग्रेजी में यह ट्वीट किया- "असम और बंगाल चुनाव चोरी के स्पष्ट मामले हैं, जिसे भाजपा ने चुनाव आयोग (EC) के समर्थन से अंजाम दिया है। हम ममता जी की बात से सहमत हैं। बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें चुराई गईं। हम यह खेल (प्लेबुक) पहले भी देख चुके हैं: मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, लोकसभा 2024 आदि। चुनाव चोरी, संस्था चोरी - अब और चारा ही क्या है।"

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