नेताओं की अमर्यादित भाषा और निजी हमलों पर भड़कीं मायावती, कहा- 'जहरीली राजनीति' से देश का नुकसान

पीएम मोदी-खड़गे विवाद के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने नेताओं की 'जहरीली राजनीति' और अमर्यादित भाषा पर गहरी चिंता जताते हुए बेरोजगारी-महंगाई जैसे असली मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी है।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती
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उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने राजनीतिक नेताओं के बीच अमर्यादित भाषा के बढ़ते इस्तेमाल और निजी हमलों की कड़ी आलोचना की है। मंगलवार को इस प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने इसे बेहद दुखद और गहरी चिंता का विषय बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में मायावती ने सत्ता और अहम पदों पर बैठे लोगों से विरोधियों के खिलाफ 'आपत्तिजनक और जहरीली राजनीति' से बचने की अपील की।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि राजनीतिक विरोधी सम्मान देने में विफल रहते हैं, तब भी नेताओं को ऐसे आचरण से दूर रहना चाहिए जो देश की राजनीतिक व्यवस्था से जनता का भरोसा कम करे। मायावती ने आगाह किया कि जनता के भरोसे में इस तरह की गिरावट देश और उसके नागरिकों के हित में बिल्कुल नहीं है।

हालांकि बसपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट में किसी विशेष घटना का सीधा जिक्र नहीं किया। लेकिन उनकी यह कड़ी टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई एक टिप्पणी पर भारी राजनीतिक विवाद छिड़ा हुआ है।

मायावती ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आज राजनीतिक संवाद का स्तर इतना गिर चुका है कि अविश्वास और कड़वाहट बेलगाम हो गई है। राजनीति अब अभद्रता और अपमान से भरे व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गई है।

इसके साथ ही उन्होंने बयानों में झलकती जातिवादी मानसिकता और हिंसक होती भाषा की ओर भी इशारा किया। बसपा प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की बेकाबू बयानबाजी देश की गरिमा और मर्यादा को गंभीर ठेस पहुंचाती है।

मायावती ने याद दिलाया कि भ्रष्टाचार की चिंताओं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों के कारण आम जनता में पहले से ही काफी बेचैनी है। देश के लोग असल समस्याओं का समाधान चाहते हैं।

आम नागरिक चाहते हैं कि सरकार और राजनीतिक दलों का पूरा ध्यान गरीबी, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई जैसे वास्तविक मुद्दों पर केंद्रित हो। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने की यह होड़ राजनीतिक माहौल को केवल और अधिक कड़वा बनाएगी।

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