मायावती का बड़ा फैसला: भतीजे आकाश आनंद को फिलहाल नहीं मिलेगी कोई अहम जिम्मेदारी, बसपा देश भर में अकेले लड़ेगी सभी चुनाव

लखनऊ की राष्ट्रीय बैठक में बसपा सुप्रीमो का बड़ा बयान: आकाश आनंद को अभी और परिपक्व होने की जरूरत। कांग्रेस को बताया 'दलित विरोधी' और अकेले चुनाव लड़ने का किया शंखनाद।
मायावती
बसपा प्रमुख मायावती और भतीजे आकाश आनंद
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उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार 3 सितंबर को एक अहम फैसला लेते हुए स्पष्ट किया है कि उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद को फिलहाल कोई भी बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। लखनऊ में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की राष्ट्रीय स्तर की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह महत्वपूर्ण बात कही।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी में काम करने का मौका जरूर दिया है, जो सबके सामने है। हालांकि, राजनीतिक दृष्टिकोण से उन्हें अभी और अधिक परिपक्व होने की सख्त जरूरत है। मायावती ने साफ किया कि जब तक आकाश पूरी तरह से मैच्योर नहीं हो जाते, तब तक उन्हें संगठन में कोई भी प्रमुख कार्यभार सौंपना पार्टी के हित में नहीं होगा।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी की भविष्य की चुनावी रणनीति का भी खुलासा किया। उन्होंने मंच से यह स्पष्ट घोषणा की कि बहुजन समाज पार्टी अब देश भर में होने वाले हर छोटे-बड़े चुनाव में केवल अपने दम पर ही मैदान में उतरेगी।

बैठक के दौरान मायावती ने कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को पूरी तरह से 'दलित विरोधी और आंबेडकर विरोधी' करार दिया। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां बहुजन समाज के विभिन्न वर्गों और विशेष रूप से दलितों को गुमराह करने में लगी हुई हैं।

उन्होंने दावा किया कि विपक्ष कुछ चुनिंदा दलित समूहों का पक्ष लेकर झूठा प्रोपेगेंडा चला रहा है। उनके मुताबिक, विपक्षी दल जानबूझकर बेबुनियाद बातें फैलाकर आम लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

मायावती ने सड़कों पर होने वाले प्रदर्शनों और चक्का जाम को भी महज एक राजनीतिक और चुनावी हथकंडा बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में बहुजन समाज पार्टी ही एकमात्र सच्ची आंबेडकरवादी पार्टी है, जो इस तरह की दिखावटी राजनीति से कोसों दूर है।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से समाज के हर वर्ग, खासकर गरीबों, मजदूरों, शोषितों और उपेक्षितों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रही है। अपनी बात को मजबूती देते हुए उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश में चार बार बनी बसपा सरकार के दौरान हुए विकास कार्य उनके इस समर्पण के जीते-जागते प्रमाण हैं।

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