मायावती का मिशन 2027: 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' के मुद्दों पर केंद्रित हुआ BSP का एजेंडा

यूपी चुनाव के लिए बीएसपी ने कसी कमर, मायावती के चुनावी एजेंडे में अब 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' की समस्याएं सबसे ऊपर।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती
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उत्तर प्रदेश के सियासी मैदान में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने अपनी चुनावी रणनीति को एक नया और आधुनिक रूप दिया है। अब पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान में अन्य मतदाता वर्गों के साथ-साथ 'जेन जेड' (Gen Z) और 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) की समस्याओं को भी पूरी अहमियत दी जा रही है।

लखनऊ में बीते 23 सितंबर को आयोजित पार्टी की अखिल भारतीय बैठक में इस नई दिशा पर मुहर लगी। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अपने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मतदाताओं के बीच जाते समय विशेष रूप से जेन जेड और जेन अल्फा से जुड़े मुद्दों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जाए।

मायावती ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी इन युवा और बाल वर्गों के हर विरोध प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया है। बीएसपी ने लगातार सरकार का ध्यान इनकी समस्याओं की ओर खींचते हुए जल्द से जल्द समाधान निकालने की वकालत की है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कार्यकर्ताओं को एक खास जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्हें आम जनता के बीच जाकर यह याद दिलाने के लिए कहा गया है कि पूर्व की बीएसपी सरकारों के दौरान युवाओं और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कितने सकारात्मक और ठोस कदम उठाए गए थे।

जेन जेड और जेन अल्फा की अनिवार्य मांगों को लेकर बीएसपी का रुख पूरी तरह से सहानुभूति और गहरी चिंता का है। मायावती ने अपनी पार्टी की सभी राज्य इकाइयों को शांतिपूर्ण तरीके से इन वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम करने का निर्देश दिया है। उनका स्पष्ट मानना है कि इन परेशानियों का स्थायी समाधान तभी निकलेगा, जब पार्टी सत्ता में आकर अपनी खुद की सरकार बनाएगी।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में जब जेन अल्फा के बच्चे स्कूलों की बदहाली को लेकर विरोध कर रहे थे, तब मायावती ने सरकार को सख्त नसीहत दी थी। उन्होंने अपील की थी कि सरकार सही नीयत और नीति के साथ बच्चों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक ध्यान दे और उन पर किसी भी स्थिति में बल प्रयोग न करे।

इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के फैसलों की कड़ी निंदा भी की थी। बीएसपी प्रमुख ने स्कूलों में बुनियादी ढांचे, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की भारी कमी जैसे मुद्दों को मजबूती से उठाया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर और बाद में झारखंड के रांची में जेन जेड द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी बीएसपी अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने इन मामलों में केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों से तत्काल और उचित कार्रवाई करने की मांग की थी।

अपनी इसी राजनीतिक प्रतिबद्धता को धार देते हुए मायावती ने हालिया बीएसपी बैठक में एक और अहम कदम उठाया। प्रदेश और देश के अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा करने के अलावा, उन्होंने पार्टी की सभी राज्य इकाइयों से जेन जेड और जेन अल्फा से जुड़े मामलों पर विस्तृत फीडबैक भी मांगा है।

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