लोकसभा चुनाव 2024: कांग्रेस ने खोला पिटारा, सरकार बनने पर युवाओं और किसानों के लिए किए ये वादे..

सरकार बनने पर कांग्रेस के वादों में जाति जनगणना, 50 फीसद आरक्षण और किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करना, चुनावी बांड, राफल व पेगासस जैसे मामलों की जांच भी शामिल है।
कांग्रेस का घोषणा पत्र
कांग्रेस का घोषणा पत्रग्राफिक- द मूकनायक

नई दिल्ली: देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने सत्ता में आने पर किसानों से नौजवानों तक और सामाजिक न्याय की गारंटी समेत कई संकल्प किए हैं। इनमें युवाओं को 30 लाख नौकरियां, जाति जनगणना, 50 फीसद आरक्षण और किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करना भी शामिल है। इसके अलावा चुनावी बांड, राफल व पेगासस जैसे मामलों की जांच कराने की बात भी कही है। कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए जारी पार्टी के घोषणा पत्र में ये वादे किए गए हैं। पार्टी ने इसे न्याय पत्र का नाम दिया है, जिसमें मुख्य रूप से पांच न्याय व 25 गारंटी शामिल हैं।

कांग्रेस ने नई शिक्षा नीति में संशोधन, दल- बदल करने वाले सांसदों-विधायकों की सदस्यता रद्द करने का कानूनी प्रावधान करने, ऊपरी अदालतों में न्यायाधीशों की नियुक्ति करने के लिए राष्ट्रीय न्यायिक आयोग गठित करने का एलान भी किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस घोषणा पत्र में भविष्य के शानदार भारत की तस्वीर नजर आती है। वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह चुनाव, संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करने का प्रयास करने वालों और इन्हें बचाने की कोशिश करने वालों के बीच होने जा रहा है। कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी की घोषणा पत्र समिति के प्रमुख पी चिदंबरम की मौजूदगी में यह न्याय पत्र 2024 जारी किया गया।

कांग्रेस ने वादा किया है कि देश में उसकी सरकार बनने पर वह जाति आधारित जनगणना कराएगी और आरक्षण की अधिकतम सीमा को 50 फीसद बढ़ाया जाएगा। इसी तरह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलने वाले 10 फीसद आरक्षण को सभी वर्गों के गरीबों के लिए बिना भेदभाव के लागू करेगी। 

कांग्रेस के घोषणा पत्र के आधार

कांग्रेस का यह न्याय पत्र 'हिस्सेदारी न्याय', 'किसान न्याय', 'नारी न्याय', 'श्रमिक न्याय', 'युवा न्याय', 'संविधान न्याय', 'आर्थिक न्याय', 'राज्य न्याय', 'रक्षा न्याय' और 'पर्यावरण न्याय' के आधार पर तैयार किया है। पार्टी ने पांच न्याय स्तंभ को दस खंडों में बांटा है।

प्रमुख वादे

1- 'युवा न्याय' के तहत 30 लाख सरकारी नौकरियां देंगे।

2- युवाओं को एक साल के लिए प्रशिक्षु कार्यक्रम के तहत एक लाख रुपए दिए जाएंगे। 

3- किसानों के लिए कर्ज माफी आयोग का गठन होगा और जीएसटी मुक्त खेती होगी। 

4- न्यूनतम मजूदरी 400 रुपए प्रतिदिन तय की जाएगी।

5- 'महालक्ष्मी' गारंटी के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को एक-एक लाख रुपए देंगे। 6- अगले 10 वर्षों में भारत की जीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

कांग्रेस के अन्य वादे 

कांग्रेस ने घोषणा की है कि सरकार में आने के बाद नई शिक्षा नीति को लेकर राज्य सरकारों के साथ परामर्श कर इसमें संशोधन किया जाएगा। जो नेता भ्रष्टाचार के मामलों से बचने के लिए भाजपा में शामिल हुए, उनके मामलों को फिर से खोला जाएगा और जांच कराई जाएगी। ऊपरी अदालतों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए उच्चतम न्यायालय के साथ विचार-विमर्श कर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाएगा। चुनाव ईवीएम से होंगे, वीवीपैट पर्चियों का मिलान होगा. 

कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा है कि केंद्र में उसकी सरकार बनने पर चुनाव इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से ही होगा, लेकिन मशीनों की क्षमता एवं मतपत्रों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। वीवीपैट (वोटर वेरिफाएबल पेपर आडिट ट्रेल) पर्चियों का मिलान होगा। ईवीएम की क्षमता और मतपत्र की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए कानूनों में संशोधन किया जाएगा। 

कांग्रेस ने कहा कि वह 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के विचार को अस्वीकार करती है और वादा करती है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव संविधान एवं संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं के अनुसार अपने निर्धारित समय पर ही होंगे।

जनविरोधी कानूनों की होगी समीक्षा

कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा है कि मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में पारित सभी 'जनविरोधी कानूनों' की समीक्षा की जाएगी और उन्हें बदला जाएगा। इसी प्रकार चुनावी बांड एवं अन्य 'घोटालों' की जांच करवाई जाएगी। कांग्रेस का वादा है कि वह संविधान की 10वीं अनूसची में संशोधन करेगी और इसके तहत दलबदल करने वालों की विधानसभा या संसद की सदस्यता खुद समाप्त हो जाएगी। 

कांग्रेस ने योजना आयोग को बहाल करने का वादा भी किया है। इसके अलावा 25 'गारंटी' भी जनता के समक्ष रखी है। जांच एजेंसियों के लिए कानून के अनुसार काम करने की व्यवस्था होगी. कांग्रेस ने कहा है कि पुलिस और खुफिया व अन्य जांच एजेंसियां कानून के अनुसार काम करेंगी और उन्हें संसद या राज्य विधानमंडलों की निगरानी में लाया जाएगा। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कम से कम 100 दिनों के लिए संचालित होगी व पूर्व की महान संसदीय परंपराओं को पुनर्जीवित किया जाएगा। कांग्रेस मानहानि के जुर्म को अपराधमुक्त करेगी।

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