'राशन की आड़ में छीने जा रहे मौलिक अधिकार' : चंद्रशेखर आजाद का सत्ता से सवाल, समान शिक्षा और रोजगार पर किए बड़े वादे

फूलपुर में चंद्रशेखर आजाद का सरकार पर तीखा हमला; मुफ्त शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं से किए बड़े वादे।
सांसद चंद्रशेखर आजाद
सांसद चंद्रशेखर आजाद
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उत्तर प्रदेश: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार को सरकार पर जमकर निशाना साधा। फूलपुर में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की खस्ताहाल बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए। आजाद ने आरोप लगाया कि हाइवे से लेकर गांवों की सड़कों तक हर जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं और जरा सी बारिश में ये सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं।

सम्मेलन में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि अगले साल होने वाले चुनावों में जनता इस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी। मुफ्त राशन योजना पर तीखी टिप्पणी करते हुए आजाद ने कहा कि सरकार राशन देने के बहाने असल में लोगों के मौलिक अधिकार छीन रही है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर संविधान को कमजोर करने की एक कोशिश करार दिया।

पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ताओं में ही बसती है। उन्होंने सभी से एकजुट होने और बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर समेत अन्य महान विचारकों के सपनों को साकार करने के लिए काम करने का आह्वान किया।

बाबा साहेब के विचारों का जिक्र करते हुए आजाद ने राजनीति को एक ऐसी चाबी बताया जो कई तरह की समस्याओं का समाधान कर सकती है। उनका कहना था कि अगर इस चाबी का समझदारी से इस्तेमाल किया जाए तो यह तरक्की के रास्ते खोलती है, लेकिन अगर इसे लापरवाही से संभाला जाए तो यह सीधे बर्बादी की तरफ ले जाती है।

शिक्षा के मोर्चे पर एक बड़े बदलाव की वकालत करते हुए उन्होंने कक्षा एक से 12वीं तक मुफ्त शिक्षा देने की बात कही। आजाद ने कहा कि ऐसा सिस्टम बनना चाहिए जहां अमीर और गरीब, दोनों तबकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में एक साथ बैठकर पढ़ाई करें।

उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि सरकारी मौकों और नौकरियों में उन युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए जिन्होंने अपनी पढ़ाई सरकारी स्कूलों से पूरी की है। उनका तर्क था कि प्राइवेट स्कूलों की बदौलत अमीर परिवारों के बच्चे आसानी से आगे निकल जाते हैं, जबकि गरीब बच्चों के पास तरक्की के अवसर बेहद सीमित रह जाते हैं।

सांसद ने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अमीर-गरीब के बीच की खाई को पूरी तरह मिटा दिया जाएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों, पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों, होमगार्ड, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पंचायत सहायकों के अधिकारों को सुरक्षित करने का भी संकल्प लिया। इसके अलावा उन्होंने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का भी पक्का भरोसा दिलाया।

युवाओं की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए आजाद ने कहा कि आज नौजवान हाथों में डिग्रियां लेकर बिना काम के भटक रहे हैं। बेरोजगारी और बार-बार होने वाले परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं को भारी मानसिक तनाव में डाल दिया है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सरकारी अस्पतालों में सभी के लिए एक समान और बेहतरीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने और युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करने की जरूरत पर विशेष जोर दिया।

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