लखनऊ/बहराइच। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने समाज के वंचित और पिछड़े तबकों से राजनीतिक रूप से जागरूक होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अब केवल दिखावे के समर्थन का समय बीत चुका है और इन वर्गों को देश की राजनीति में अपनी वाजिब हिस्सेदारी के लिए खुद आगे आना होगा।
उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार शाम को आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने यह बात कही। उन्होंने प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया। हैदराबाद के सांसद ने जनता से अपील की कि वे किसी के पीछे चलने के बजाय अपना खुद का राजनीतिक नेतृत्व मजबूत करें।
जनसभा के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को लोकतंत्र में हिस्सा लेने और अपना हक मांगने का अधिकार देता है। उन्होंने साफ किया कि एआईएमआईएम समाज में समानता और राजनीतिक सशक्तीकरण की इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ने के लिए तैयार है।
विपक्षी दलों की रणनीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब तक कुछ खास समुदायों का इस्तेमाल केवल भारतीय जनता पार्टी को हराने के नाम पर वोटबैंक के रूप में किया जाता रहा है। ओवैसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि वोट देने की यह एकतरफा व्यवस्था अब स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि अब असली ध्यान राजनीतिक व्यवस्था में सीधे प्रतिनिधित्व और समान अधिकारों को हासिल करने पर होना चाहिए।
केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भाजपा सरकारों को कटघरे में खड़ा करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाइयों में जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है। उनके मुताबिक, समाज के कुछ विशेष वर्गों को ही निशाना बनाकर उनके खिलाफ बुलडोजर चलाने, पुलिस एनकाउंटर करने और लंबे समय तक जेल में रखने जैसी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि इस तरह की दमनकारी नीतियों का सबसे ज्यादा नुकसान कुछ चुनिंदा समुदायों के लोगों को उठाना पड़ रहा है, जिसके तहत कई बेकसूर युवाओं को भी निशाना बनाया गया है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया और कहा कि राज्य में हजारों की संख्या में पुलिस एनकाउंटर हो चुके हैं, जो कानूनन सही नहीं हैं।
संविधान की मर्यादा का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि देश का कानून जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव करने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक देश में हर व्यक्ति के साथ कानून के तहत बिल्कुल एक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।
अपनी पार्टी के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अन्याय और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना उनका अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और उनकी पार्टी के खिलाफ लगने वाले तमाम तरह के आरोपों या आलोचनाओं से वे डरने वाले नहीं हैं और अपनी राजनीतिक विचारधारा पर लगातार आगे बढ़ते रहेंगे।
बहराइच की इस रैली से पहले असदुद्दीन ओवैसी करीब डेढ़ साल के लंबे अंतराल के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे थे। अमौसी एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में मौजूद एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नारेबाजी के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिहाज से ओवैसी का यह दौरा बेहद अहम है। बहराइच की रैली से यह साफ संकेत मिलते हैं कि एआईएमआईएम इस बार राज्य में अपने पैर पसारने और बड़े चुनावी मुकाबले से पहले जनता को गोलबंद करने के लिए एक ठोस रणनीति के तहत जमीन पर उतर चुकी है।
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