सीएम आवास को गंगाजल से धुलवाना बाबा साहेब के अपमान जैसा: अखिलेश यादव ने 90 साल पुरानी घटना से की तुलना

अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला, 2017 में सीएम आवास को गंगाजल से धोने की घटना को बताया बाबा साहेब के 'चवदार तालाब' वाले अपमान जैसा।
Akhilesh Yadav And Yogi Adityanath.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने साल 2017 में अपने मुख्यमंत्री आवास खाली करने के बाद उसे गंगाजल से धोए जाने की घटना को डॉ. बी.आर. अंबेडकर के अपमान से जोड़ा है।

अखिलेश ने इसकी तुलना महाराष्ट्र के चवदार तालाब की उस ऐतिहासिक घटना से की है, जहां सामंती ताकतों ने पानी पीने पर दलित आइकन बाबा साहेब पर हमला किया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के लोगों से एक अपील जारी करते हुए यह बयान दिया।

सपा प्रमुख ने कहा कि महाराष्ट्र के चवदार तालाब पर जो कुछ भी हुआ था, उससे पूरा देश भली-भांति वाकिफ है। उन्होंने उस घटना का जिक्र करते हुए बताया कि सामंती सोच वाले लोगों ने बाबा साहेब और उनके साथियों पर लाठियां बरसाई थीं। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने उस तालाब से पानी पिया था, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर उच्च वर्ग के लोगों के मवेशियों द्वारा किया जाता था।

यादव ने इन दोनों घटनाओं के बीच की तारीखों का खास तौर पर उल्लेख करते हुए एक बड़ा संयोग बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बाबा साहेब के अपमान की वह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 20 मार्च 1927 को घटी थी। इसके ठीक 90 साल बाद, 20 मार्च 2017 को उनके साथ भी बिल्कुल वैसा ही अपमानजनक व्यवहार किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी अपील में कहा कि 20 मार्च 2017 को जब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास खाली किया, तो भाजपा के लोगों ने पूरे परिसर को गंगाजल से धुलवाया। उनका आरोप है कि ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वहां पीडीए समुदाय का एक व्यक्ति रह रहा था।

यादव ने सत्ता पक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि बाबा साहेब के अपमान के इतने सालों बाद भी सामंती मानसिकता वाले लोगों की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है।

गौरतलब है कि मार्च 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने सूबे की सत्ता हासिल की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री आवास से जुड़ा यह घटनाक्रम सामने आया था।

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