
भोपाल। मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव के नेतृत्व में शुक्रवार को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन किया गया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने ओबीसी आरक्षण बहाल करने और पिछड़े वर्ग को संवैधानिक अधिकार दिलाने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार की मंत्री कृष्णा गौर और पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगलों का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के आक्रोश के बीच एक बैरिकेड टूट गया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए मशक्कत की। स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क रहा।
भाजपा पर दामोदर यादव का हमला, बोले- पिछड़े, दलित और आदिवासियों के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दामोदर यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे के अनुसार काम करते हुए पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के अधिकारों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भी इन वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की बात आती है, उन्हें अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
दामोदर यादव ने कहा कि ओबीसी आरक्षण केवल सरकारी नौकरियों और प्रतिनिधित्व का सवाल नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों के भविष्य, सम्मान और सामाजिक न्याय से जुड़ा मुद्दा है। उनके मुताबिक, पिछड़ा वर्ग अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है और आरक्षण की लड़ाई से पीछे हटने वाला नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए, तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि जनता लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को जवाब देगी।
सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम
दामोदर यादव ने राज्य सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए ओबीसी आरक्षण के मामले में तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को पिछड़े वर्ग के आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी एक तारीख को इससे बड़ा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए मध्य प्रदेश के लाखों लोगों को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा।
न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
दामोदर यादव ने कहा कि ओबीसी आरक्षण की लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक न्याय, समान अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा संघर्ष है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि वह समाज की भावनाओं को समझते हुए केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस निर्णय ले। उन्होंने कहा कि जब तक ओबीसी समाज को उसके अधिकार नहीं मिलते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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