मध्य प्रदेश: दो साल पहले चयनित हुए ओबीसी वर्ग के प्राथमिक शिक्षकों को अबतक नहीं मिल सकी नियुक्ति

नियुक्ति पत्र सहित 4 मांगों को लेकर दर-दर भटक रहे चयनित शिक्षक, कभी डीपीआई के बाहर दे रहे धरना, तो कभी घण्टों शिक्षा मंत्री से मिलने के लिए कर रहे इंतजार।
फाइल फोटो
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भोपाल। मध्य प्रदेश में साल 2020 में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती विज्ञप्ति जारी हुई थी, साल 2022 में परीक्षा, और परिणाम भी जारी हो गए। इनमें चयनित हुए ओबीसी वर्ग के 882 शिक्षकों को दो साल हो गए पर नियुक्ति नहीं मिल पाई। प्रदेश के दूर-दराज के जिलों के यह शिक्षक अब नियुक्ति पत्र पाने के लिए राजधानी भोपाल में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

एक चयनित शिक्षक ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि वह बुधवार को पूरी रात ट्रेन में यात्रा करने के बाद भोपाल पहुँचें थे। यहां वह स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मिलने उनके आवास पहुँचें लेकिन घण्टों इंतजार के बाद भी मंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई। जब दोपहर हुई तो वह लोक शिक्षण संचनालय (डीपीआई) पहुँचें। यहां उनके और भी साथी थे, भीड़ देखते हुए गार्ड ने दरबाजे बन्द कर दिए। चयनित शिक्षक ने कहा "हम आंदोलन तेज करेंगे तो सरकार हमें उठा कर जेल में डाल देगी।"

उत्तीर्ण हुए प्राथमिक शिक्षकों को दो साल बीतने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पाई है। नियुक्ति की मांग को लेकर अब यह सम्बंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक उत्तीर्ण संघ के बैनर तले उत्तीर्ण हुए प्राथमिक शिक्षक बुधवार को राजधानी भोपाल में गौतम नगर स्थिति लोक शिक्षण संचनालय पहुँचें। यहां उन्होंने आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंप कर नियुक्ति पत्र दिए जाने की मांग की।

बता दें कि इससे पहले भी यह लोग नियुक्ति को लेकर ज्ञापन सौंप चुके हैं।

संघ के संयोजक मंगल सिंह ने द मूकनायक को बताया कि, "हम सभी प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 के उत्तीर्ण अभ्यर्थी हैं। हम समस्त सभी वर्गों के अभ्यर्थी काउंसिलिंग प्रक्रिया में भाग ले चुके हैं। बिना किसी कारण के ओबीसी वर्ग के नियुक्ति आदेश रुके हुए हैं। हमारी मांग है कि आदेश जारी किए जाएं।"

मंगल ने आगे कहा, "हमारी मांग है कि जिन अभ्यर्थियों ने चॉइसफीलिंग कर दी है, उन्हें तुरंत नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। चुनाव से पूर्व तत्कालीन स्कूल शिक्षामंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा था कि 30 हजार से ज्यादा पद रिटायरमेंट से खाली हुए हैं। 10 हजार पद वृद्धि करके ओबीसी का सॉल्यूशन निकाल सकते हैं। लेकिन अब नई सरकार बनने के बाद हमारी नियुक्ति की कोई बात नहीं हो रही।"

गुमराह कर रहे अधिकारी!

नियुक्ति नहीं देने के मामले में अभ्यर्थियों ने डीपीआई के अधिकारियों पर गुमराह करने का भी आरोप लगाया है। अभ्यर्थियों ने बताया कि, रोस्टर में सवा लाख पद खाली थे, लेकिन डीपीआई के अधिकारी हमें गुमराह कर रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 के अभ्यर्थी है, जो कि पात्रता परीक्षा 2020 उत्तीर्ण हैं। जिसकी परीक्षा 2022 में आयोजित की गई थी। सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 मे नाम मात्र के पदों पर प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती की जा रही है, जबकि भर्ती परीक्षा 2020 उत्तीर्ण चयनित शिक्षकों की संख्या 1 लाख 94 हजार है। ऐसी विसंगति तब है जब प्रदेश मे शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं।

यह हैं प्रमुख मांगे-

  • बिना किसी कारण ओबीसी के नियुक्ति आदेश रुके हुए है उनको जारी किया जाए।

  • जिन समस्त वर्गों के अभ्यर्थियों का जिला एवं स्कूल चॉइसफीलिंग (वेटिंग) हो चुकी है उनको नियुक्ति दी जाए।

  • माननीय हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रयोगशाला सहायक शिक्षकों के 1696 एवं 525 पदों पर प्रक्रिया शुरू की जाए।

  • प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 में फर्जी दिव्यांगो की जगह वास्तविक दिव्यांगो की नियुक्ति की जाए ।

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