लखनऊ प्राइड परेड: ट्रांसजेंडर पहचान के साथ गर्व की अनुभूति और खुशी का उत्सव

यूपी में पहली बार हुआ आयोजन, LGBTQ समाज के लोगों ने लिया बढ़ चढ़ कर हिस्सा
प्राइड परेड का यूपी में पहली बार हुआ आयोजन
प्राइड परेड का यूपी में पहली बार हुआ आयोजनफोटो- सुमित कुमार

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में पहली बार ट्रांसजेंडर प्राइड परेड निकाली गई। यह गौरव यात्रा विश्व आत्महत्या (International Suicide Prevention Day) रोकथाम दिवस के अवसर पर निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में ट्रांसजेंडर शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किन्नर समाज और आम जनमानस में सामंजस्य स्थापित करना था।

प्राइड में सैकड़ों की संख्या में ट्रांसजेंडर शामिल हुए।
प्राइड में सैकड़ों की संख्या में ट्रांसजेंडर शामिल हुए।फोटो- सुमित कुमार

दरअसल, लखनऊ के गोमतीनगर में विभिन्न सामाजिक सेवा संस्थानों द्वारा अंबेडकर पार्क चौराहा से 1090 चौराहे पर एक पैदल यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पैदल यात्रा के दौरान सैकड़ों ट्रांसजेंडर मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में एसिड अटैक महिलाएं भी शामिल रही। इसके साथ ही भिक्षावृत्ति छोड़ चुके बच्चों द्वारा नृत्य प्रस्तुत किए गए। इस कार्यक्रम में किन्नर समाज, ट्रांसजेंडर एवं एलजीबीक्यूआई वर्ग के लोगों ने मिलकर एक प्रोत्साहित करने वाला नाटक भी प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में द मास्क रॉक बैंड के कलाकारों ने मुख्य मंच पर सतरंगी प्रस्तुति दी। आयोजक के रूप में उत्तरप्रदेश ट्रांसजेंडर गौरव यात्रा कमेटी, आदिशिव ट्रांसजेंडर फाउंडेशन, वाइनवुड फैशन एंड इवेंट एसोसिएशन, वाई आर जी केयर संस्थान शामिल थे। वहीं मुख्य अतिथि के रुप में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण,जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता, जिलाधिकारी लखनऊ सूर्यपाल गंगवार मौजूद रहे।

खुशियां मनाते समुदाय के लोग
खुशियां मनाते समुदाय के लोगफोटो- सुमित कुमार

धीरे-धीरे मिल रहे हैं अधिकार

यूपी के प्रयागराज में शासन की नई पहल के अनुसार किन्नरों को पहचान पत्र बांटे जा रहे हैं। प्रयागराज के तीन किन्नरों को भी यह सुविधा दी गई है। उनके लिए अस्पतालों में पांच बेड रिजर्व किए गए हैं और अलग से टायलेट बनाने की तैयारी हो रही है। बावजूद इसके किन्नरों का कहना है कि हमें लांग टर्म बेनिफिट की दरकार है। स्वावलंबी होने के लिए हमें रोजगार में बराबर अवसर चाहिए। उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य स्वामी कौशल्यानंद गिरि कहती हैं कि हाल ही में गोरखपुर में तीन किन्नरों को रोडवेज में टिकट काटने की नौकरी मिली है। इसके अलावा आगरा में कम्प्यूटर आपरेटर के तौर पर किन्नरों को नियुक्त किया गया है। यह एक पहल है और इसे तेज गति से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

समुदाय का मानना है कि धीरे-धीरे अधिकार मिल रहे हैं।
समुदाय का मानना है कि धीरे-धीरे अधिकार मिल रहे हैं।फोटो- सुमित कुमार

वहीं कार्यक्रम की आयोजन समिति के तौर पर प्रियंका सिंह रघुवंशी अध्यक्ष आदिशिव फाउंडेशन, अदनान आदिल वाइनवुड फैशन एंड इवेंट एसोसिएशन, उम्मीद संस्था, बलबीर सिंह मान, प्रिंस स्टूडियो अलीगंज, अभया कपूर मल्लिका मिश्रा, गुड्डन मंगलामुखी, विश सिंह, मो अरशद, हिमांशु व मो सलीम मौजूद रहे।

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