
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से इंसानियत को झकझोर कर रख देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहां सिर्फ एक बोतल पानी लेने की कीमत एक मजदूर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
मृतक की पहचान तेलंगाना के नलगोंडा जिले के रहने वाले 35 वर्षीय एम. साई कुमार के रूप में हुई है। वह कुछ दिन पहले ही अपने परिवार को पीछे छोड़कर काम की तलाश में विजयवाड़ा आया था।
पटामटा पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 19 अक्टूबर की आधी रात को पटामटा डोनका रोड पर घटी। साई कुमार ने सड़क किनारे स्थित एक बंद पान की दुकान के बाहर रखे फ्रिज से पानी की एक बोतल निकाल ली थी।
पानी की बोतल लेते हुए रविशंकर नामक एक आरोपी ने उसे देख लिया और उसकी बुरी तरह पिटाई शुरू कर दी। विवाद सिर्फ यहीं नहीं थमा, बल्कि इसके बाद दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं।
पास की ही एक शराब की दुकान में काम करने वाले अयप्पा शंकर ने अपने दो अन्य साथियों, साई प्रणीत और नवीम के साथ मिलकर मजदूर को एक खंभे से बांध दिया। इसके बाद इन सभी आरोपियों ने लाठियों से उसे तब तक बेरहमी से पीटा जब तक उसकी जान नहीं चली गई।
अगली सुबह, 20 अक्टूबर को जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे शव पड़ा देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। हालांकि, यह पूरी खौफनाक वारदात 21 अक्टूबर को दुनिया के सामने आई।
पटामटा के सर्कल इंस्पेक्टर (सीआई) वी. पवन किशोर ने 22 अक्टूबर, 2026 (गुरुवार) को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि पीड़ित की मौत गंभीर चोटों के कारण ही हुई है।
इस घटना में हैवानियत का एक और भयानक पहलू यह सामने आया कि जब आरोपी साई कुमार को पीट रहे थे, तब वे अपने मोबाइल फोन में इसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर रहे थे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है, जिसमें यह जघन्य अपराध कैद हो गया है।
कागजी कार्रवाई के बाद मृतक का शव उसके दुखी परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
सीआई पवन किशोर ने साफ किया है कि पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस जानलेवा और अमानवीय हमले में इन चारों आरोपियों के अलावा कोई और व्यक्ति तो शामिल नहीं था।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें