
उत्तर प्रदेश: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आगामी 2027 की जनगणना को लेकर प्रशासन बेहद सख्त रवैया अपना रहा है। जिन कर्मचारियों ने इस राष्ट्रीय कार्य में ड्यूटी करने से इनकार किया है, अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कई लोगों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं संभाली है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि जनगणना अभियान के चार्ज अधिकारी ने नोएडा के पुलिस उपायुक्त (DCP) को पत्र लिखा है। इस पत्र में सरकारी काम में असहयोग करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगभग 3,000 कर्मचारियों को प्रगणक (enumerator) के रूप में तैनात किया गया था। लेकिन इनमें से 29 कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी अपना कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
इन कर्मचारियों से मोबाइल फोन के जरिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। यहां तक कि उन्हें व्हाट्सएप पर भी ड्यूटी से संबंधित जरूरी दस्तावेज भेजे गए। इसके बावजूद, कथित तौर पर उन्होंने कागजात लेने और अपनी जिम्मेदारी निभाने से साफ इनकार कर दिया।
इसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सीधे तौर पर असहयोग मानते हुए, चार्ज अधिकारी ने पुलिस से इन 29 प्रगणकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि जिन अन्य कर्मचारियों ने अब तक काम शुरू नहीं किया है, वे तुरंत अपनी ड्यूटी पर लौट आएं। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह सख्ती नोएडा प्राधिकरण द्वारा उठाए गए ऐसे ही एक कदम के ठीक एक दिन बाद सामने आई है। नोएडा में भी कई कर्मचारियों पर जनगणना-2027 से जुड़ी ड्यूटी करने से मना करने और काम में सहयोग न देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी सौंपे जाने के बाद भी कई प्रगणकों के काम न संभालने से पूरी प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया के लिए कुल 2,284 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) तय किए गए थे। इनमें से 1,172 में काम शुरू हो चुका है और 16 में इसे पूरा भी कर लिया गया है। वहीं 1,096 ब्लॉक में काम शुरू होना अभी बाकी है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल केवल 52 प्रतिशत एचएलबी ही सक्रिय हो पाए हैं।
प्राधिकरण का मानना है कि काम की धीमी गति का सबसे बड़ा कारण कर्मचारियों की लापरवाही है। कई लोग इस राष्ट्रीय महत्व के काम में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं और अपनी ड्यूटी रद्द करवाने या बदलने की कोशिश में लगे हैं।
इस घोर लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेते हुए प्राधिकरण ने अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके तहत नोएडा में दो नियमित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पांच संविदा कर्मचारियों की सेवाएं पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं।
इसके अलावा, प्राधिकरण ने अन्य विभागों को भी पत्र लिखकर काम शुरू न करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस को भेजे गए आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि व्हाट्सएप पर ड्यूटी आदेश भेजने के बाद भी इन कर्मचारियों ने असहयोगात्मक रवैया ही अपनाया।
अब इन सभी संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 5 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस राष्ट्रीय कार्य में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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