मध्य प्रदेशः आयुष्मान योजना की 'कछुआ' चाल, कैसे सुधरेगी मरीजों की सेहत!

MP में अन्य राज्यों से पीछे आयुष्मान- 2.2, चुनाव के बाद लांच करने की तैयारी.
सांकेतिक फोटो।
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भोपाल। मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना कछुआ चाल चल रही है। सरकार अब आयुष्मान 2.2 लांच करने जा रही है, वहीं अन्य राज्य आयुष्मान 2.4 लांच करने की तैयारी में हैं। प्रदेश में 2.2 अपग्रेड के लिए स्वास्थ्य विभाग में तैयारियां जोरों पर हैं। लोकसभा चुनाव के बाद आयुष्मान 2.2 लांच होगा, इसके लिए दिल्ली से आए अधिकारी प्रदेशभर के अस्पतालों में दौरा कर रहे हैं। आयुष्मान 2.2 में लगभग 400 नई बीमारियों को जोड़ा जाएगा, जिनका इलाज अभी तक आयुष्मान कार्ड धारकों को नहीं मिल रहा था। 

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दिल्ली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एक टीम अभी आयुष्मान 2.0 की स्थिति भी जान रही हैं। नई योजना में ब्लड कैंसर (ल्यूकीमिया) सहित लगभग 400 उन बीमारियों का इलाज शामिल होगा, जो अभी तक आयुष्मान कार्ड से नहीं होता है। अधिकारियों के मुताबिक, बोनमैरो सहित सभी प्रकार के ट्रांसप्लांट इसमें शामिल किए जाएंगे। मरीज वर्ष में एक बार से अधिक सीटी स्कैन भी करा सकेगा। 

क्यों हुई देरी? 

मध्य प्रदेश आयुष्मान भारत योजना संचालित करने में अभी काफी पीछे हैं। अभी यहां आयुष्मान 2.0 योजना चल रही है, जबकि कई राज्यों में 2.2 योजना संचालित हो रही है। जहां 2.2 योजना चल रही है, वहां 2.4 योजना लागू करने की तैयारी चल रही है। बता दें कि आयुष्मान भारत योजना के डायरेक्टर डॉ.. बसंत गर्ग हाल ही में इंदौर आए थे। इस दौरान इन्होंने आयुष्मान 2.2 लांचिंग की तैयारियों पर चर्चा की थी।

मध्य प्रदेश में अबतक आयुष्मान भारत 2.2 लांच नहीं होने का सबसे पहला और बड़ा कारण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का कमजोर होना है। अस्पतालों में चिकित्सक व संसाधनों की कमी है। इसके साथ ही निजी अस्पताल जिनका आयुष्मान भारत के तहत अनुबंध है उनके पास भी सुविधाएं नहीं है। जानकारी है कि आयुष्मान 2.2 अपग्रेड करने के पहले कुछ नए निजी अस्पतालों से अनुबंध किया जाएगा। 

मध्य प्रदेश के आयुष्मान पोर्टल के अनुसार 15 अप्रेल 2024 तक 39844510 लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिनमें 3882673 लोग योजना के अंतर्गत निजी और शासकीय अस्पतालों में उपचार करा चुके हैं। मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना के अंतर्गत 512 निजी अस्पताल और 502 शासकीय अस्पतालों को जोड़ा जा चुका है। इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारक इलाज करा चुके हैं। 

इंदौर में बने सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड

आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनाने में इंदौर प्रदेश में नंबर एक पर है। यहां लक्ष्य से अधिक कार्ड बनाए गए हैं। इंदौर में 1228000 से अधिक हितग्राहियों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं योजना के अंतर्गत अब तक 147748 से अधिक हितग्राही अपना उपचार भी करवा चुके हैं। बता दें कि इंदौर जिले के 68 निजी और 12 शासकीय अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज किया जाता है।

2018 में शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना

केंद्र सरकार द्वारा जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज मिले, इसलिए आयुष्मान भारत योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी। योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा चिह्नित गरीब परिवारों का अनुबंधित अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का इलाज किया जाता है। इलाज के लिए साल 2011 की जनगणना में चिह्नित गरीब लोगों को ही पात्र मानकर आयुष्मान भारत योजना की पोर्टल की सूची में उन्हीं लोगों या उनके परिवारों को शामिल किया गया है।

मध्य प्रदेश आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष सिसोदिया ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रदेश में आयुष्मान 2.2 लांच करने की तैयारी की जा रही है। चुनाव के बाद यह लांच हो जाएगी। इसमें मरीजों के लिए कई स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ेंगी। फिलहाल इसके लिए अस्पतालों में दिल्ली से आई टीम निरीक्षण कर रही है।

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मध्य प्रदेशः फर्जी बिल व मरीज बनाकर आयुष्मान योजना में लाखों की ठगी

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