सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- "मध्यप्रदेश में इसी महीने लागू होगी समान नागरिक संहिता"

लहार से बड़ा ऐलान, बोले- जब देश एक है तो कानून भी एक होना चाहिए; मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार मिलने की बात कही
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- "मध्यप्रदेश में इसी महीने लागू होगी समान नागरिक संहिता"
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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भिंड जिले के लहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) लागू करने का बड़ा ऐलान किया। लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी करने के अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसी जुलाई माह मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान अधिकार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश एक है, तो कानून भी सभी नागरिकों के लिए एक समान होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यूसीसी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग व्यक्तिगत कानून होने के कारण समानता का सिद्धांत पूरी तरह लागू नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, "जब एक व्यक्ति एक शादी कर रहा है तो दूसरा दो-तीन शादियां क्यों करे। जब देश एक है तो कानून भी एक ही होना चाहिए।" मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी एक वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के अधिकारों को और मजबूती मिलेगी तथा न्याय व्यवस्था में समानता का सिद्धांत मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिलाने की दिशा में यूसीसी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर प्रतिबद्ध है और समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर तथा न्याय दिलाने के लिए काम कर रही है। उनके अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू होने से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों से जुड़े कानूनों में समानता लाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।

हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट नहीं किया कि यूसीसी किस तारीख से लागू होगी, इसका प्रारूप क्या होगा और किन-किन प्रावधानों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने केवल इतना कहा कि राज्य सरकार इसी महीने इसे लागू करने जा रही है। ऐसे में अब सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना और विस्तृत नियमों का इंतजार रहेगा। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद प्रदेश में यूसीसी को लेकर राजनीतिक और कानूनी चर्चाओं के तेज होने की संभावना है।

यूसीसी क्या है?

समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) ऐसी कानूनी व्यवस्था है, जिसमें सभी नागरिकों पर धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होने के बजाय विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और संपत्ति के बंटवारे जैसे पारिवारिक मामलों में एक समान कानून लागू होता है। वर्तमान में भारत में अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए इन विषयों पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान कानूनी अधिकार और समान दायित्व देना है। भारतीय संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों के अनुच्छेद 44 में राज्य को समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है, हालांकि यह न्यायालय द्वारा सीधे लागू कराया जाने वाला प्रावधान नहीं है।

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