उत्तर प्रदेश: बिजनौर में गन्ने के 26 करोड़ रुपये के बकाये को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) से जुड़े किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि पिछले सीजन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे गुरुवार से शुरू हो रहे नए पेराई सत्र में बिलाई चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति पूरी तरह रोक देंगे। किसानों ने यह भी ऐलान किया है कि भुगतान न होने की स्थिति में वे अपनी फसल को सीधे जिला कलेक्ट्रेट में डंप कर देंगे।
भाकियू (अराजनैतिक) के प्रदेश युवा अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस आंदोलन की रूपरेखा रखी। उन्होंने बताया कि किसानों ने जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह को हलफनामे सौंप दिए हैं। इन दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब तक उनका पुराना बकाया चुकता नहीं हो जाता, तब तक मिल को एक भी गन्ना नहीं भेजा जाएगा।
दिगंबर सिंह के अनुसार, किसान लगभग एक साल से अपने ही पैसे के लिए तरस रहे हैं। भुगतान न होने के कारण उन्हें घर का खर्च चलाने और बच्चों की स्कूल फीस भरने तक में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अपना गन्ना मिल को देने के बावजूद कई किसान कर्ज लेने को मजबूर हो गए हैं। इस बिलाई चीनी मिल से लगभग 31,000 किसान सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, जो अब भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब किसानों ने अपनी आवाज उठाई हो। सिंह ने दावा किया कि इससे पहले भी करीब 20,000 किसानों ने हलफनामे देकर विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गन्ना आरक्षण आदेश के दौरान मिल के केवल तीन गन्ना खरीद केंद्र ही काटे गए, जबकि करोड़ों का भुगतान जस का तस अटका रहा। लगातार शिकायतों के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई न होने पर उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। वे डीएम को नए सिरे से हलफनामे सौंपने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही, रुके हुए भुगतान के मुद्दे को शासन तक पहुंचाने के लिए सरकार के इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) पोर्टल पर हजारों शिकायतें दर्ज कराने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
यूनियन नेता ने स्पष्ट किया कि यदि बिलाई चीनी मिल ने बिना पुराना बकाया चुकाए पेराई शुरू की, तो किसान अपना गन्ना लेकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में उपज को संभालने की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। गौरतलब है कि बिजनौर जिले में कुल 10 चीनी मिलें हैं, जिनमें से नौ ने अपने पिछले सीजन का पूरा भुगतान कर दिया है। केवल बिलाई चीनी मिल ही एकमात्र ऐसी मिल है जिस पर किसानों का बकाया लंबित है।
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