उत्तर प्रदेश: फतेहपुर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक तरफ स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सैकड़ों छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, तो वहीं दूसरी ओर 10वीं कक्षा की एक 16 वर्षीय छात्रा रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गई। यह घटना 28 जुलाई की है, जब स्कूल में छठी से 12वीं कक्षा तक के बच्चों ने चार घंटे तक जमकर विरोध-प्रदर्शन किया था।
फतेहपुर के किशनपुर कस्बे में स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में 28 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे लगभग 1,000 छात्र इकट्ठा हुए। इन बच्चों के हाथों में तख्तियां, बैनर और डॉ. बी.आर. अंबेडकर की तस्वीर थी। 'जेन अल्फा' द्वारा किए गए इस प्रदर्शन की मुख्य वजह स्कूल की जर्जर इमारत, टपकती छतें और पीने के साफ पानी का अभाव था।
छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन दोपहर करीब 12 बजे तब समाप्त हुआ, जब फतेहपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राकेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर बच्चों की समस्याएं जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर लौटने लगे, लेकिन 10वीं की वह 16 वर्षीय छात्रा वापस नहीं लौटी।
छात्रा के घर न पहुंचने पर परिवार वालों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने तुरंत उसके दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। परेशान होकर 29 जुलाई को परिजनों ने किशनपुर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
लापता छात्रा की मां आशा देवी ने बताया कि उनकी बेटी रोजाना की तरह अपने घर से करीब 8 किलोमीटर दूर स्कूल के लिए साइकिल से निकली थी। शिक्षकों और सहपाठियों के मुताबिक वह स्कूल पहुंची भी थी, लेकिन वहां हो रहे प्रदर्शन के कुछ समय बाद ही वह गायब हो गई। बता दें कि यह छात्रा चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है और पिछले साल ही उसके पिता का निधन हो चुका है।
इस मामले में किशनपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ मनीष सिंह ने साफ किया है कि छात्रा के गायब होने और स्कूल में हुए प्रदर्शन के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि छात्रा स्कूल जरूर पहुंची थी, लेकिन वहां विरोध-प्रदर्शन देखकर वापस लौट गई।
एसएचओ के अनुसार, स्कूल से लौटकर वह अपनी एक सहेली के घर गई। वहां उसने सहेली की मां से अपनी स्कूल ड्रेस बदलने की इजाजत मांगी और कहा कि उसे किसी पारिवारिक कार्यक्रम में जाना है। हालांकि, महिला के मना करने पर वह वहां से चली गई।
पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर छात्रा की आखिरी लोकेशन एक बस स्टैंड के पास मिली है। वीडियो में वह स्कूल ड्रेस में और कंधे पर बैग लिए हुए नजर आ रही है। पुलिस ने उसकी साइकिल भी सड़क किनारे से बरामद कर ली है।
फतेहपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें इस केस की गहनता से जांच कर रही हैं और सुराग जुटाने के लिए आसपास के अन्य सीसीटीवी फुटेज को भी बारीकी से चेक किया जा रहा है।
इस पूरी घटना पर कॉलेज के प्रिंसिपल लाल बहादुर सिंह का कहना है कि पुलिस अपना काम कर रही है। उन्हें बस इतना पता है कि छात्रा 28 जुलाई को स्कूल आई थी। प्रदर्शन के बारे में उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल प्रशासन को इसकी पहले से कोई जानकारी नहीं थी और यह बच्चों ने खुद आयोजित किया था।
प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि अब छात्रों की मांगें पूरी की जा रही हैं। सभी कक्षाओं में पंखे लगाए जा रहे हैं और आरओ के पानी की व्यवस्था हो रही है। दरअसल, यह सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल 8 किलोमीटर के दायरे में छठी से 12वीं तक का इकलौता स्कूल है। यहां सिर्फ 850 बच्चों को पढ़ाने की क्षमता है, जबकि 1,850 छात्रों का दाखिला हो चुका है। पूरे स्कूल में प्रिंसिपल सहित कुल 21 शिक्षक हैं, लेकिन कक्षाओं की संख्या केवल 14 है।
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