बांसवाड़ा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरथून में शुक्रवार सुबह प्रार्थना सभा के दौरान एक कमरे का प्लास्टर अचानक गिरने से हड़कंप मच गया। यह घटना सुबह 7:34 बजे की है, जब छात्र और स्टाफ प्रार्थना में शामिल थे। सौभाग्य से इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
इस घटना ने दो साल पहले हुई मरम्मत के काम की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व समग्र शिक्षा अभियान (समसा) कार्यालय द्वारा 10.50 लाख रुपये की लागत से इस विद्यालय की मरम्मत करवाई गई थी, जिसमें इस कक्षा कक्ष और छत की मरम्मत भी शामिल थी।
गौरतलब है कि उस समय भी ग्रामीणों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने मरम्मत कार्य में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को लेकर विरोध जताया था। विवाद इतना बढ़ा कि ठेकेदार द्वारा तत्कालीन प्रधानाचार्य अमरथून को धमकाया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। हालांकि, समसा कार्यालय के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था।
मौजूदा घटना के बाद वर्तमान प्रधानाचार्य ने तत्काल प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र कुमार चरपोटा, सरपंच अमरथून और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करते हुए पूरी स्थिति से अवगत कराया। स्कूल प्रशासन ने कमरे को क्षतिग्रस्त घोषित करते हुए स्टाफ और छात्रों का उस कक्षा कक्ष में प्रवेश वर्जित कर दिया है।
इस घटना ने ग्राम पंचायत अमरथून के ग्रामीणों में गुस्सा भर दिया है। उन्होंने समसा कार्यालय द्वारा करवाए गए 10.50 लाख रुपये के मरम्मत कार्य की उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर महज 'लीपा-पोती' का काम किया गया है।
यह मामला अमरथून ग्राम पंचायत में शिक्षा संरचना से जुड़े व्यापक समस्याओं की ओर भी इशारा करता है। ग्राम पंचायत में तीन प्रमुख मुद्दे सामने हैं:
राजकीय प्राथमिक विद्यालय आंबा पाड़ा: 75.85 लाख रुपये की लागत से स्कूल के नवनिर्माण का कार्य दो साल से भी अधिक समय से अधूरा पड़ा है।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरथून: 10.50 लाख रुपये की मरम्मत के बावजूद कई कक्षा कक्ष आज भी जर्जर हालात में हैं, जिससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय हंडिया पाड़ा: यहां तीन नए कक्षा कक्षों के निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा सामग्री लाने के बहाने स्कूल का मुख्य गेट तोड़ दिया गया।
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच साठगांठ के चलते समग्र शिक्षा अभियान के कामों में लापरवाही और लीपा-पोती का काम हो रहा है, जिससे बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ रही है। वे मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.