UP में मिड डे मील में कोताही: बच्चों को परोसा जा रहा खराब क्वालिटी का खाना, प्रधानाध्यापिका हुईं सस्पेंड

सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल के बच्चे जमीन पर बैठे पानी जैसी पतली सब्जी के साथ जली हुई रोटी खाते दिख रहे हैं।
प्रधानाध्यापिका पर आरोप है कि मध्यान्ह भोजन में सब्जी की गुणवत्ता प्रायः खराब रहती थी, दूध का वितरण पूरी मात्रा में नहीं किया जाता था तथा छात्रों को व्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन ग्रहण नहीं कराया जाता था।
प्रधानाध्यापिका पर आरोप है कि मध्यान्ह भोजन में सब्जी की गुणवत्ता प्रायः खराब रहती थी, दूध का वितरण पूरी मात्रा में नहीं किया जाता था तथा छात्रों को व्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन ग्रहण नहीं कराया जाता था।
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सीतापुर- जनपद के महमूदाबाद विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय छंगापुर की प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा को मिड डे मील की खराब गुणवत्ता और नियमों की अवहेलना के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने 5 अगस्त को जारी आदेश में यह कार्रवाई की है।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूल के बच्चे जमीन पर बैठे पानी जैसी पतली सब्जी खाते दिख रहे हैं। वीडियो ने स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है और शिक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। यह विडियो सीतापुर की बताई जाती है, हालाँकि इसमें स्कूल का नाम जाहिर नहीं हो रहा है।

कांग्रेस ने एक अन्य विडियो शेयर करते हुए लिखा, "क्या आप इसे 'सब्जी' कहेंगे? शायद नहीं... लेकिन यूपी के स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील में यही सब परोसा जा रहा है। BJP सरकार पौष्टिक आहार के नाम पर बच्चों के साथ ऐसा घटिया और भद्दा मजाक कर रही है। ये सरकार शर्म बेचकर हर स्तर पर भ्रष्टाचार करने पर उतारू है और आलम ये है कि इनके नेता-मंत्री बच्चों का निवाला छीनने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।"

बताया जा रहा है कि खराब खाने की विडियो सार्वजनिक होने पर फटाफट कारवाही की गई है।आदेश में बताया गया, खण्ड शिक्षा अधिकारी, महमूदाबाद के पत्रांक-462/2026-27 द्वारा प्रेषित जांच आख्या और संस्तुति के आधार पर कल्पना वर्मा प्रथम दृष्टया दोषी पाई गईं। आरोप हैं कि मध्यान्ह भोजन में सब्जी की गुणवत्ता प्रायः खराब रहती थी, दूध का वितरण पूरी मात्रा में नहीं किया जाता था तथा छात्रों को व्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन ग्रहण नहीं कराया जाता था। इसके साथ ही उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नियमानुसार सुनिश्चित नहीं किया तथा विभागीय आदेशों और निर्देशों की अवहेलना कर अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का आचरण अपनाया।

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली, 1973 सपठित उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के प्राविधानों के तहत उन्हें निलंबित किया गया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस प्रकरण की जांच के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी, विखण्ड-पहला पुष्पराज सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि आरोपी कर्मचारी को आरोप पत्र जारी कर अवसर देते हुए विभागीय नियमानुसार जांच पूरी करें और साक्ष्यों के साथ स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जांच आख्या एक माह के अंदर कार्यालय को प्रेषित करें। निलंबन अवधि में कल्पना वर्मा प्राथमिक विद्यालय नदवा, विखण्ड-महमूदाबाद में अपनी दैनिक उपस्थिति देंगी। आगे की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

प्रधानाध्यापिका पर आरोप है कि मध्यान्ह भोजन में सब्जी की गुणवत्ता प्रायः खराब रहती थी, दूध का वितरण पूरी मात्रा में नहीं किया जाता था तथा छात्रों को व्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन ग्रहण नहीं कराया जाता था।
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प्रधानाध्यापिका पर आरोप है कि मध्यान्ह भोजन में सब्जी की गुणवत्ता प्रायः खराब रहती थी, दूध का वितरण पूरी मात्रा में नहीं किया जाता था तथा छात्रों को व्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन ग्रहण नहीं कराया जाता था।
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