भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मंगलवार को संस्थान के एक हॉस्टल में चौथे वर्ष के एमटेक छात्र का शव फांसी के फंदे से लटकता मिला। महज़ 10 दिनों के भीतर इस प्रतिष्ठित परिसर में यह दूसरी ऐसी घटना है, जिसने पूरे संस्थान की सुरक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक छात्र की पहचान सोहम हलदर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर 24 परगना के बारासात का रहने वाला था। वह आईआईटी खड़गपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग का छात्र था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोहम परिसर के पंडित मदन मोहन मालवीय हॉल में रहता था।
मंगलवार सुबह जब सोहम के दोस्तों ने उसके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद देखा, तो उन्होंने कई बार खटखटाया। काफी देर तक अंदर से कोई हलचल या जवाब न मिलने पर छात्रों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत सुरक्षाकर्मियों को इसकी सूचना दी।
दरवाजा खोलने के बाद छात्र को फौरन परिसर में ही स्थित बीसी रॉय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खड़गपुर टाउन पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाली हिजली पुलिस चौकी ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। सोमवार को सोहम की गतिविधियों का पता लगाने के लिए पुलिस बारीकी से सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
इस घटना को लेकर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हालांकि, शुरुआती जानकारी में पुलिस को बस इतना पता चला है कि छात्र ने आखिरी बार अपनी बहन से फोन पर बात की थी।
इस दुखद घटना पर आईआईटी खड़गपुर प्रशासन ने गहरा सदमा और शोक व्यक्त किया है। संस्थान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि 28 अप्रैल, 2026 की सुबह सोहम का शव उसके कमरे में मिला, जिसके बाद सुरक्षा और मेडिकल टीम को तुरंत अलर्ट किया गया। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से सोहम के परिवार को जल्द से जल्द सूचित कर दिया गया था। संस्थान इस भारी दुख की घड़ी में परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। आईआईटी खड़गपुर ने अपने बयान में कहा कि पूरा परिसर इस दुखद क्षति पर शोक में एकजुट है। इसके साथ ही छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए संस्थान ने अपील की है कि सभी छात्र पेशेवर काउंसलिंग और सहायता सेवाओं का उपयोग करने में बिल्कुल भी संकोच न करें।
यह घटना इसलिए भी ज्यादा डराने करने वाली है क्योंकि इससे पहले 18 अप्रैल को आईआईटी खड़गपुर में ही एक और खौफनाक मामला सामने आया था। तीसरे वर्ष के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र जयवीर सिंह डोडिया की अटल बिहारी वाजपेयी हॉल की छत से कथित तौर पर कूदने के कारण मौत हो गई थी।
परिसर में छात्रों की मौत का यह सिलसिला पिछले कुछ समय से चिंता का विषय बना हुआ है। साल 2025 में भी इस परिसर ने कई छात्रों को खोया था। उस वर्ष शूअन मलिक, अनिकेत वाकर, मोहम्मद आसिफ कमर, रितम मंडल, चंद्रदीप पवार और हर्ष कुमार पांडे नामक छात्रों के शव परिसर में पाए गए थे। वहीं, पिछले साल 7 दिसंबर को पुरी गेट के पास बट्टारम श्रवण कुमार का शव बरामद हुआ था, जिसके बारे में पुलिस का कहना था कि वह कथित तौर पर एक ट्रेन की चपेट में आ गया था।
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