
मध्य प्रदेश के शिक्षा तंत्र की बदहाली की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। धार जिले के सूरजपुरा स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बारिश के पानी से सैकड़ों किताबें भीग गईं। स्कूल परिसर में इन किताबों को धूप में सुखाते हुए बच्चों का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में बच्चे बीच-बीच में पन्ने पलटकर देख रहे हैं कि धूप में फैली किताबें सूखी हैं या नहीं।
दरअसल, इस स्कूल की टिन की छत पुरानी और जर्जर हो चुकी है। बारिश के दौरान इसी छत से पानी रिसकर सीधे उस रसोईघर में भर गया, जहां ये किताबें रखी हुई थीं। इस विद्यालय में पहली से पांचवीं कक्षा तक के करीब 50 छात्र पढ़ाई करते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जब निरीक्षण टीम वहां पहुंची, तो उन्हें टपकती छत के नीचे किताबें पूरी तरह से भीगी हुई अवस्था में मिलीं।
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और मामले ने तूल पकड़ लिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को जिला शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही स्कूल की इस खस्ताहाल स्थिति की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के जिला परियोजना समन्वयक अभिषेक यादव ने बताया कि ब्लॉक संसाधन समन्वयक (बीआरसी) को मामले की जमीनी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
तिरला ब्लॉक के बीआरसी मुकेश सक्सेना ने बुधवार को स्कूल पहुंचकर मामले की पड़ताल की। उनकी जांच में यह बात सामने आई कि धूप में सुखाई जा रही ये किताबें वर्तमान सत्र की नहीं थीं, बल्कि पुरानी थीं। ये वो किताबें थीं जिन्हें पिछली कक्षाएं पास कर चुके छात्रों से वापस जमा करवाया गया था। पिछले महीने हुई तेज बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण रसोईघर में रखी ये किताबें बुरी तरह पानी में भीग गई थीं।
बीआरसी की जांच के मुताबिक, मौसम साफ होने और तेज धूप निकलने पर इन पुरानी किताबों को सूखने के लिए स्कूल के बाहर आंगन में फैलाया गया था। वीडियो में दिख रहे बच्चों को लेकर स्कूल प्रभारी और शिक्षकों ने अधिकारियों के सामने अपनी सफाई पेश की है। शिक्षकों का दावा है कि बच्चों को किताबें सुखाने या उनकी रखवाली करने का कोई काम नहीं सौंपा गया था। लंच ब्रेक के दौरान बाहर धूप में फैली रंग-बिरंगी किताबों को देखकर बच्चे केवल उत्सुकतावश उन्हें उठा रहे थे।
मुकेश सक्सेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान स्कूल प्रबंधन का यह पूरा पक्ष जांच में दर्ज कर लिया गया है। अब यह विस्तृत जांच रिपोर्ट आगे की उचित कार्रवाई के लिए जिला परियोजना समन्वयक को भेजी जाएगी। फिलहाल शिक्षा विभाग इस रिपोर्ट और कारण बताओ नोटिस पर स्कूल द्वारा दिए जाने वाले जवाब का बारीकी से अध्ययन कर रहा है, जिसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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