आजमगढ़: 9 साल से गणित का शिक्षक नहीं, फिजिक्स-केमिस्ट्री की पढ़ाई भी ठप; नाराज छात्रों ने इंटर कॉलेज में शुरू किया प्रोटेस्ट

48 घंटे में शिक्षकों की नियुक्ति न होने पर छात्रों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, पुलिस के दखल और प्रिंसिपल के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला।
student protest Azamgarh
आजमगढ़ के अजमतगढ़ इंटर कॉलेज में गणित और विज्ञान के शिक्षकों की भारी कमी से नाराज छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
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उत्तर प्रदेश: आजमगढ़ जिले के अजमतगढ़ स्थित एक इंटर कॉलेज में मंगलवार को सैकड़ों छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। विज्ञान और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की भारी कमी से नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और गणित के शिक्षकों की जल्द से जल्द नियुक्ति करने की है।

आक्रोशित छात्रों का कहना है कि कॉलेज में पिछले जून महीने से ही भौतिकी और रसायन विज्ञान का कोई शिक्षक नहीं है। वहीं, गणित जैसे अहम विषय के लिए तो पिछले करीब नौ सालों से किसी टीचर की नियुक्ति ही नहीं हुई है। इस कमी की वजह से बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है और उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वर्तमान में इस कॉलेज में 1,100 से अधिक छात्र पढ़ते हैं और अभी भी प्रवेश प्रक्रिया चल ही रही है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब इन तीन विषयों को पढ़ाने वाला कोई है ही नहीं, तो फिर हर छात्र से इनके नाम पर 50 रुपये की वसूली क्यों की जा रही है? उन्होंने साफ मांग की है कि जब तक शिक्षकों के खाली पद भर नहीं जाते, तब तक यह फीस न ली जाए। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने अतिरिक्त फीस वसूलने के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रबंधन का कहना है कि छात्रों से केवल सरकार द्वारा निर्धारित फीस ही ली जा रही है।

छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर अगले 48 घंटों के भीतर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे एक और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। हंगामे और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जीयनपुर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस की तरफ से सब-इंस्पेक्टर श्याम जी यादव ने गुस्साए छात्रों को समझाने और शांत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल रामनकुल राव खुद छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत बच्चों को आश्वासन दिया कि जल्द ही शिक्षकों की उचित व्यवस्था कर दी जाएगी। प्रिंसिपल से मिले इस ठोस भरोसे के बाद ही छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया।

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