14 साल के 'बाल पत्रकार' पर सरकार से सवाल पूछने का 'अपराध': सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड हो रहा अश्वमित गौतम?

अश्वमित ने हाल के वीडियो में शिक्षा व्यवस्था पर सीधे सवाल उठाए, जैसे स्कूलों की खराब स्थिति और शिक्षकों की लापरवाही। समर्थकों का तर्क है कि ये सवाल लोकतंत्र का हिस्सा हैं, न कि अपराध। एक पोस्ट में लिखा गया: "ये भारत है, तालिबान नहीं। सवाल पूछना अपराध नहीं है।"
इंस्टाग्राम पर 7 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाला यह 'बाल पत्रकार' अश्मित गौतम अपने वीडियो से सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर तीखे सवाल उठाता है।
इंस्टाग्राम पर 7 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाला यह 'बाल पत्रकार' अश्मित गौतम अपने वीडियो से सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर तीखे सवाल उठाता है। सोशल मीडिया
Published on

बाराबंकी - उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के एक साधारण दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाला 14 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर अश्वमित गौतम सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इंस्टाग्राम पर 7 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाला यह 'बाल पत्रकार' अपने वीडियो से सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर तीखे सवाल उठाता है। लेकिन अब खबरें हैं कि उसके इन सवालों को लेकर लखनऊ पुलिस ने कथित रूप से उसके खिलाफ FIR दर्ज कर ली है, जिससे X और इंस्टाग्राम पर #I_Stand_With_Ashmit_Gautam हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं।

अश्वमित गौतम बाराबंकी के ग्रामीण इलाके का निवासी है । स्कूल जाते हुए वो इंस्टाग्राम हैंडल @ashwamitlifestyle पर रील्स बनाता है , जहां अम्बेडकर, भगत सिंह, चे ग्वेवारा और कार्ल मार्क्स जैसे विचारकों से प्रेरित होकर वह बुनियादी मुद्दों पर बोलता है, उसके वीडियो सरल और तथ्य-आधारित होते हैं, जैसे:

  • सरकारी स्कूलों में गंदगी और अस्वच्छता क्यों?

  • मिड-डे मील की खराब गुणवत्ता का क्या समाधान?

  • शिक्षकों की अनुपस्थिति और बेरोजगारी पर सरकार की चुप्पी क्यों?

  • महंगाई, सड़कें, पानी, बिजली और स्वच्छ हवा जैसी समस्याओं का कब अंत?

ये सवाल उसके आसपास की जमीनी हकीकत से निकलते हैं, और लाखों युवाओं को प्रभावित करते हैं। अश्मित खुद को 'बाल पत्रकार' कहता है, जो बदलाव की मांग करते है।

14-15 जनवरी के आसपास सोशल मीडिया पर खबरें फैलीं कि लखनऊ पुलिस ने अश्मित के 'आपत्तिजनक' वीडियो के लिए उसके खिलाफ FIR दर्ज की है। दावा है कि ये वीडियो सरकार की आलोचना 'अनुचित' तरीके से करते हैं, जो सामाजिक सद्भाव बिगाड़ सकते हैं। लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुलिस बयान या FIR की कॉपी सार्वजनिक नहीं हुई है, यह जानकारी मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट्स और कुछ वेबसाइट्स पर आधारित है। नाबालिग होने के कारण अश्मित को गिरफ्तार नहीं किया गया, लेकिन जांच की बात कही जा रही है।

समर्थक इसे 'डरपोक सरकार' का कदम बता रहे हैं। एक X पोस्ट में लिखा गया: "14 साल के बच्चे के सवालों से घबरा गई 56 इंच वाली सरकार। सवाल पूछना अपराध कैसे?" कई ने इसे गायिका नेहा सिंह के मामले से जोड़ा, जहां आलोचना करने वालों पर कार्रवाई होती है, जबकि प्रचार करने वालों को पुरस्कार।

#I_Stand_With_Ashmit_Gautam हैशटैग के साथ हजारों पोस्ट्स आए, जिनमें यूजर्स सरकार को 'डरपोक' और 'कायर' बता रहे हैं। एक वायरल पोस्ट में कहा गया: "14 साल के बच्चे के सवालों से घबराकर FIR? सोचने वाला बच्चा सत्ता को सबसे ज्यादा डराता है।"

इंस्टाग्राम पर 7 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाला यह 'बाल पत्रकार' अश्मित गौतम अपने वीडियो से सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर तीखे सवाल उठाता है।
MP में कांग्रेस के SC विधायक फूल सिंह बरैया के बयान पर सियासी तूफान: दलित महिलाओं से रेप को लेकर की थी टिप्पणी, जानिए क्या है पूरा मामला?
इंस्टाग्राम पर 7 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाला यह 'बाल पत्रकार' अश्मित गौतम अपने वीडियो से सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर तीखे सवाल उठाता है।
पीजी नीट -40 कटऑफ विवाद: वरिष्ठ IRS अधिकारी ने कहा- ‘फर्जी नैरेटिव', SC/ST/OBC स्टूडेंट्स को बदनाम और आरक्षण को कमजोर करने की साजिश’

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com