संत कबीर नगर में दलित युवक की गला रेतकर निर्मम हत्या, आक्रोशित भीड़ ने फूंका मुख्य आरोपी का घर

यूपी के संत कबीर नगर में छेड़छाड़ का विरोध करने पर दलित युवक की निर्मम हत्या, भड़की भीड़ ने मुख्य आरोपी नासिर के घर लगाई आग।
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हत्यासाभार- इंटरनेट/ सांकेतिक फोटो
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उत्तर प्रदेश: संत कबीर नगर जिले का बखिरा इलाका शुक्रवार को भारी तनाव की चपेट में आ गया। यहां एक दिन पहले यानी गुरुवार को 29 वर्षीय दलित युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़ गए कि न्याय की मांग कर रही आक्रोशित भीड़ ने मुख्य आरोपी के घर को ही आग के हवाले कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, कोलकी गांव के रहने वाले मृतक आनंद कुमार पेशे से टाइल लगाने का काम करते थे। गुरुवार को जब वह अपने घर लौट रहे थे, तभी बभनी चौराहे के पास हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने बेहद क्रूरता से आनंद का गला रेता और मौके से फरार हो गए। इस हत्या की खबर फैलते ही पीड़ित परिवार और गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कई घंटों तक सड़क जाम कर दी।

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस हत्या के तार करीब 10 दिन पहले हुए एक विवाद से जुड़े हैं। पुलिस का कहना है कि एक समारोह के दौरान आनंद की भतीजी ने शिकायत की थी कि मुख्य आरोपी नासिर अली ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। इस बात से नाराज होकर आनंद ने नासिर का विरोध किया था और दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी। माना जा रहा है कि इसी रंजिश का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड की साजिश रची गई।

इस मामले में बखिरा पुलिस स्टेशन में नासिर अली समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से एक आरोपी की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने हत्यारों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है। घटना के बाद से ही आरोपी और उसके परिवार वाले अपना घर छोड़कर पड़ोस के गांवों में भाग गए हैं। इलाके में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

गोरखपुर जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मुथा अशोक जैन ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है। शुक्रवार को जब भीड़ ने आरोपी के घर में आग लगाई, तो वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

उन्होंने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत किया। परिजनों की स्पष्ट मांग थी कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए और उनका घर भी तोड़ा जाए।

प्रशासन की तरफ से निष्पक्ष जांच और त्वरित कानूनी कार्रवाई के ठोस आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना खत्म करने का फैसला किया। इसके बाद प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और शुक्रवार को ही परिवार ने आनंद का अंतिम संस्कार भी कर दिया।

इस एक घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। आनंद अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें से सबसे छोटा बच्चा महज तीन महीने का है।

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