सूरत: बेटे के प्रेम-प्रसंग की सजा मां और भाई को, दलित परिवार को पेड़ से बांधकर पीटा, 13 गिरफ्तार

प्रेम-प्रसंग में बेटे के दूसरी बार भागने पर लड़की वालों का कहर; बुजुर्ग मां और भाई-बहनों को पेड़ से बांधकर पीटा, पुलिस ने गांव में बढ़ाई सुरक्षा।
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सूरत: गुजरात के सूरत जिले के एक गांव से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां प्रेम-प्रसंग से जुड़े एक मामले में बदले की भावना इस कदर हावी हो गई कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने दलित परिवार के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार को एक ही परिवार के 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर एक अनुसूचित जाति (SC) की बुजुर्ग महिला और उनके दो वयस्क बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उन्हें पेड़ से बांधने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद तब और बढ़ गया जब पीड़ित महिला का बड़ा बेटा (27 वर्ष), जो पहले से शादीशुदा है, गांव की ही एक अन्य समुदाय की 22 वर्षीय अविवाहित युवती के साथ भाग गया। पुलिस के अनुसार, यह दूसरी बार था जब यह जोड़ा घर से भागा।

घटना पिछले साल 27 दिसंबर को हुई थी, जब प्रेमी युगल पहली बार घर से भागा था। उस समय युवती के परिवार और गांव के बुजुर्गों ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जिसके दबाव में आकर 27 जनवरी को दोनों वापस लौट आए और अपने-अपने घरों में रहने लगे। लेकिन शांति ज्यादा दिन नहीं टिकी और 2 फरवरी को यह जोड़ा एक बार फिर घर से भाग गया।

परिवार को दी तालिबानी सजा

बेटे की इस हरकत से नाराज युवती के परिजनों ने अपना सारा गुस्सा युवक के परिवार पर उतार दिया। आरोप है कि युवती के परिवार वालों ने युवक की मां और उसके दो भाई-बहनों को घर से उठाया और गांव में उनका जुलूस निकाला। हैवानियत यहीं नहीं रुकी, आरोपियों ने तीनों को एक पेड़ से बांध दिया और उनकी जमकर पिटाई की। इस हमले में एक पीड़ित को इतनी गंभीर चोटें आईं कि उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई और धाराएं

पीड़ित पक्ष की शिकायत पर शुक्रवार को पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें धारा 115(2): जानबूझकर चोट पहुंचाना, धारा 351(3): गंभीर आपराधिक धमकी देना, धारा 127(2): गलत तरीके से बंधक बनाना, धारा 140(2): अपहरण, धारा 189(2): सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए भीड़ इकट्ठा करना, धारा 190: गैर-कानूनी सभा का हिस्सा होना, धारा 191(2): दंगा करना शामिल हैं.

इसके अलावा, आरोपियों पर SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारी का बयान

सूरत ग्रामीण के पुलिस उपाधीक्षक (DySP) सी.जी. वडोदरिया ने मीडिया के हवाले से मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "हमने शिकायत में नामजद सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। इस तरह के अमानवीय कृत्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हम दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे।"

गांव में तनाव को देखते हुए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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