
आंध्र प्रदेश में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, 26 वर्षीय दलित युवक वीधी सुब्रमण्यम की हत्या के मामले में घोर लापरवाही और प्रशासनिक चूक बरतने के आरोप में चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस बहुचर्चित हत्याकांड में YSRCP के एमएलसी (MLC) अनंत सत्य उदय भास्कर का नाम सामने आया था।
इन अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज
जिन चार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की गई है, उनमें शामिल हैं: पश्चिम गोदावरी जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) और काकीनाडा के पूर्व डीएसपी (DSP), वी. भीम राव, काकीनाडा के पूर्व डीएसपी पी. मुरली कृष्णा, सर्पावरम के पूर्व सर्किल इंस्पेक्टर ए. मुरली कृष्णा, सर्पावरम के पूर्व सब-इंस्पेक्टर एन. सतीश बाबू।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि 19 मई 2022 को दलित युवक वीधी सुब्रमण्यम की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य आरोप यह है कि अगले ही दिन, यानी 20 मई 2022 को, एमएलसी अनंत सत्य उदय भास्कर ने खुद सुब्रमण्यम के शव को काकीनाडा स्थित मृतक के घर पर लाकर छोड़ दिया था। इस बेहद संवेदनशील मामले की जांच में शुरुआती स्तर से ही जांच और प्रशासन में भारी खामियां पाई गईं, जिसके चलते अब पुलिस महकमे को यह कदम उठाना पड़ा है।
विभागीय जांच के आदेश जारी
आंध्र प्रदेश सरकार के गृह विभाग के प्रमुख सचिव कुमार विश्वजीत ने 21 फरवरी को जी.ओ. आरटी. नंबर 187 (G.O. RT. No. 187) जारी करते हुए इन चारों अधिकारियों के निलंबन के आधिकारिक आदेश दिए। इसके साथ ही, प्रमुख सचिव ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मामले की जांच में हुई इन गंभीर चूकों के लिए चारों निलंबित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच शुरू की जाए।
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