मुजफ्फरनगर: फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोपों से घिरे बिजली विभाग के SSO ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में किया बड़ा खुलासा

सुसाइड नोट में फर्जीवाड़े का कबूलनामा, लेकिन पिता ने लगाया तीन लोगों पर ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच
Muzaffarnagar Fake SC Certificate Case.
मुजफ्फरनगर में बिजली विभाग के SSO ने खुद को मारी गोली। सुसाइड नोट में फर्जी SC सर्टिफिकेट का जिक्र, लेकिन पिता ने खोला 'ब्लैकमेलिंग' का राज।
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मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रविवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहाँ बिजली विभाग के एक 28 वर्षीय सब-स्टेशन ऑपरेटर (SSO) ने सब-स्टेशन के कंट्रोल रूम के भीतर खुद को गोली मारकर ख़ुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान शुभम कुमार के रूप में हुई है। यह कदम उन्होंने अपनी नौकरी को लेकर हुई एक शिकायत के कुछ हफ्तों बाद उठाया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने फर्जी अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र के आधार पर यह नौकरी हासिल की थी।

कंट्रोल रूम में मिला शव और सुसाइड नोट

पुलिस के मुताबिक, घटना तितावी स्थित बिजली विभाग के सब-स्टेशन की है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इस नोट में शुभम ने कथित तौर पर यह स्वीकार किया है कि उसने फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग करके नौकरी प्राप्त की थी।

घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह उन्हें युवक की मौत की खबर मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

साजिश या आत्महत्या? क्या हुआ उस सुबह?

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के वक्त सब-स्टेशन पर शुभम के साथ कई लाइनमैन भी मौजूद थे। लाइनमैनों के फील्ड वर्क पर जाने के कुछ ही मिनटों बाद, शुभम ने कंट्रोल रूम को अंदर से लॉक कर लिया। पुलिस का कहना है कि उसने कमरे की चाबी बाहर फेंक दी और उसके बाद खुद को गोली मार ली।

जब अन्य कर्मचारी सब-स्टेशन लौटे, तो उन्होंने देखा कि शुभम वहां नहीं था और कंट्रोल रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। चाबी ढूंढकर जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर शुभम का शव खून से लथपथ पड़ा मिला। पुलिस को मौके से एक तमंचा (देसी पिस्तौल) भी बरामद हुआ है।

पिता का गंभीर आरोप: 'मेरे बेटे को ब्लैकमेल किया जा रहा था'

हालाँकि, कहानी का एक दूसरा पहलू भी है। मृतक के पिता, अनिल कुमार ने अपने बेटे पर लगे फर्जी दस्तावेजों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि शुभम ने नौकरी पाने के लिए किसी भी तरह के गलत दस्तावेज का इस्तेमाल नहीं किया था।

अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के खिलाफ हाल ही में झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिससे वह बेहद मानसिक तनाव में था। पिता का दावा है कि पिछले चार साल से तीन लोग उनके बेटे को ब्लैकमेल कर रहे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर शुभम ने यह आत्मघाती कदम उठाया। परिवार ने कहा है कि वे दोषी लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं।

अधिकारियों का क्या कहना है?

ग्रामीण क्षेत्र के अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) बाल किशन ने पुष्टि की है कि हाल ही में एक शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप था कि शुभम ने फर्जी एससी प्रमाण पत्र जमा करके नौकरी हासिल की है। इस मामले में जांच होनी थी। हालांकि, उन्होंने शिकायतकर्ता के नाम का खुलासा नहीं किया। उन्होंने बताया कि शुभम ने 2017 में बिजली विभाग ज्वाइन किया था।

वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) आदित्य बंसल ने कहा कि अब तक की जांच में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हत्या या साजिश का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक पुलिस को किसी के द्वारा उत्पीड़न करने की कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। चूँकि घटना में देसी कट्टे का इस्तेमाल हुआ है, इसलिए आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। मौत के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

शुभम अपने पीछे अपनी पत्नी और डेढ़ साल के मासूम बेटे को छोड़ गए हैं। परिवार पर मानो मुसीबतों के पहाड़ टूट पड़े हैं.

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