
भोपाल। भिंड जिले में शनिवार रात कानून-व्यवस्था और सामाजिक तनाव से जुड़ा एक मामला सामने आया, जब सौरभ जाटव नामक एक दलित युवक, जो भीम आर्मी से जुड़ा बताया जा रहा है, अपने साथियों के साथ कोतवाली थाने पहुंच गया और सुरक्षा की मांग को लेकर रात भर वहीं डटा रहा। उसके साथ देशराज धारिया सहित तीन-चार युवक भी मौजूद रहे। उनका कहना था कि उन्हें लगातार फोन कॉल के माध्यम से धमकियां दी जा रही हैं और जब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधि अनुसार कार्रवाई नहीं होगी, वे थाने से नहीं हटेंगे। युवकों ने कोतवाली परिसर में ही रात बिताई, जिससे पूरे इलाके में चर्चा और पुलिस-प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई।
मेहगांव की मारपीट से जुड़ा है विवाद
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूरा मामला मेहगांव थाना क्षेत्र के कोंहार गांव में 17 फरवरी को हुए विवाद से जुड़ा है, जहां जाटव समाज और सवर्ण समाज के युवकों के बीच मारपीट हुई थी। इस घटना के बाद जाटव समाज की ओर से तीन लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया। इसके विरोध में करणी सेना, परशुराम सेना और अन्य संगठनों ने 18 फरवरी को थाने का घेराव कर लगभग पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मामला दर्ज हो। इसी दौरान सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने जाटव समाज के चार युवकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई।
फेसबुक लाइव में पुलिस पर तीखी टिप्पणी से भड़का मामला
घटनाक्रम ने उस समय तूल पकड़ा जब सौरभ जाटव ने 18 फरवरी की शाम फेसबुक लाइव किया। करीब आठ मिनट के इस वीडियो में उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन पर तीखी टिप्पणी की और कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने यहां तक कहा कि पुलिस अधिकारियों को चूड़ियां पहन लेनी चाहिए और थाने बंद कर देने चाहिए। यह वीडियो लाइव खत्म होने के तुरंत बाद डिलीट कर दिया गया, लेकिन उसके स्क्रीनशॉट और क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे दोनों पक्षों में बयानबाजी तेज हो गई।
विवाद बढ़ने पर अगले दिन सौरभ जाटव ने एक नया वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन के प्रति सम्मान जताया और कहा कि उनके पहले वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था। बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आक्रोश जारी रहा और कुछ पोस्ट में उन्हें धमकी तक दी गई।
धमकी भरे पोस्ट वायरल, इनाम की घोषणा का आरोप
वायरल पोस्टों में से एक में रायपुरा क्षेत्र के एक युवक द्वारा सौरभ को चेतावनी देने की बात सामने आई, जबकि दूसरे पोस्ट में उसका पता बताने और हाथ-पैर तोड़ने पर 30 हजार रुपये इनाम देने जैसी बात लिखी गई थी। इन पोस्टों के बाद सौरभ ने खुद को असुरक्षित बताते हुए थाने में शरण ली और पुलिस से सुरक्षा की मांग की। उनका कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है तथा यदि उन्हें कुछ भी होता है तो जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस की होगी।
प्रदर्शन के दौरान लगे आरोप-प्रत्यारोप
प्रदर्शन के दौरान देवेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सौरभ जाटव बार-बार सवर्ण समाज के युवकों पर झूठे मामले दर्ज कराते हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी ओर जाटव समाज के लोगों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ और पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही। दोनों पक्षों की बयानबाजी ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।
पुलिस का बयान मामले की जांच जारी, स्थिति नियंत्रण में
इस पूरे मामले पर कोतवाली प्रभारी बृजेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में लाई गई है और तथ्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। आवश्यक होने पर सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी और यदि धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भिंड में यह प्रकरण केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा या सोशल मीडिया विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक समूहों के बीच बढ़ती तल्खी और स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करता है।
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