तमिलनाडु: मां के हाथ जोड़ने पर ऐतराज जताना पड़ा भारी, हेडमिस्ट्रेस के जातिगत अपमान से आहत 16 वर्षीय दलित छात्रा ने दी जान

मदुरै के उस्लमपट्टी में स्कूल हेडमिस्ट्रेस की जातिगत टिप्पणी और सरेआम बेइज्जती से आहत 16 वर्षीय दलित छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, एससी/एसटी एक्ट न लगाने पर पुलिस पर उठे सवाल।
सांकेतिक- महिला की हुई मौत
सांकेतिक- महिला की हुई मौतInternet
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तमिलनाडु: मदुरै में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक 16 वर्षीय दलित छात्रा ने स्कूल की हेडमिस्ट्रेस की अपमानजनक टिप्पणी के बाद अपनी जान दे दी। दरअसल, स्कूल में एडमिशन के दौरान अपनी मां को हाथ जोड़े देख बेटी ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था। यह बात हेडमिस्ट्रेस को इतनी नागवार गुजरी कि उसने सरेआम बच्ची को जलील कर दिया। इस बेइज्जती से गहराई तक आहत हुई यह होनहार छात्रा अगले ही दिन अपने घर में फंदे से लटकी मिली।

यह दिल दहला देने वाली घटना 25 अगस्त को सामने आई, जब मदुरै की रहने वाली पी निजंथी का शव उसके ही घर में फंदे से झूलता मिला। ठीक एक दिन पहले ही उसे स्कूल से बेइज्जत करके बाहर निकाल दिया गया था। निजंथी की मां पी थवामणि ने पुलिस को बताया कि उस दिन वे अपनी बेटी के एडमिशन के लिए उस्लमपट्टी स्थित गवर्नमेंट मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल गई थीं। वहां की हेडमिस्ट्रेस विमला ने निजंथी को उसकी एक सामान्य सी हरकत पर बुरी तरह फटकार लगाई थी, जिसके बाद से ही वह गहरे सदमे में थी।

अंबेडकर नगर की रहने वाली थवामणि के अनुसार, निजंथी ने थोट्टप्पनयाक्कनूर से दसवीं कक्षा पास की थी। इसके बाद उसने पास के ही पूचिपट्टी स्थित एक सरकारी स्कूल में दाखिला ले लिया। वहां उसने करीब 20 दिनों तक फर्स्ट ग्रुप की पढ़ाई की, लेकिन उसे नर्सिंग ग्रुप में जाना था, इसलिए उसने वह स्कूल छोड़ दिया। इसके बाद वह करीब एक महीने तक घर पर ही रही।

कुछ समय बाद, थवामणि अपनी बेटी को लेकर उस्लमपट्टी के टीईएलसी (TELC) गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल गईं। पुलिस एफआईआर के मुताबिक, वहां दाखिले के लिए फॉर्म भरा गया, लेकिन स्कूल प्रशासन ने 5,000 रुपये की मांग की। आर्थिक तंगी के कारण थवामणि तुरंत यह रकम नहीं चुका सकती थीं। यही वजह थी कि वे मजबूर होकर उस्लमपट्टी के ही गवर्नमेंट मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल जा पहुंचीं।

यहां पहुंचने पर हेडमिस्ट्रेस ने निजंथी से पूछताछ की और उसके पुराने हेडमास्टर को फोन मिलाया। लाउडस्पीकर पर हुई उस बातचीत में पुराने हेडमास्टर ने निजंथी को पढ़ाई में होशियार और एक अनुशासित छात्रा बताया। यह सब सुनते हुए थवामणि आदरपूर्वक अपने हाथ जोड़े खड़ी थीं, जिसे देखकर निजंथी ने उनके हाथों को नीचे कर दिया। एक बेटी का अपनी मां को इस तरह हाथ जोड़ने से रोकना मॉडल स्कूल की हेडमिस्ट्रेस को बिल्कुल रास नहीं आया।

एफआईआर के अनुसार, हेडमिस्ट्रेस ने तुरंत निजंथी के इस व्यवहार पर सवाल उठाए और उसे घमंडी करार दिया। उसने यह तक कह दिया कि शायद इसी बर्ताव के कारण उसे पुराना स्कूल छोड़ना पड़ा होगा। मृतका के रिश्तेदार सेल्वम ने बताया कि हेडमिस्ट्रेस ने जातिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि तुम जैसे लोग हाथ जोड़कर क्यों नहीं रह सकते। इसके बाद उसने बच्ची को जमकर कोसा और स्कूल से बाहर निकाल दिया।

सरेआम हुए इस भयानक अपमान ने निजंथी को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया। स्कूल से निकाले जाने के बाद, बदहवास निजंथी कैंपस से भाग निकली और नल्लामलपट्टी की ओर करीब पांच किलोमीटर तक पैदल चलती रही। किसी तरह उसकी मां ने उसे ढूंढा और ऑटो रिक्शा से घर वापस लाई। थवामणि ने बताया कि उस रात उनकी बेटी ने खाना तक नहीं खाया और रात भर रोती रही।

अगले दिन शाम करीब 5.30 बजे जब थवामणि काम से लौटीं, तो बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, जहां निजंथी मृत अवस्था में मिली। इस घटना ने परिवार को गहरे शोक और आक्रोश में डाल दिया है। रिश्तेदार सेल्वम का आरोप है कि पुलिस एससी/एसटी एक्ट लगाने से इनकार कर रही है। उनका साफ तौर पर कहना है कि पुलिस कल्लार समुदाय से ताल्लुक रखने वाली इस हेडमिस्ट्रेस को बचाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा है।

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