केरल: जातिगत भेदभाव और धमकियों से परेशान दलित पुजारी ने दिया इस्तीफा, बोले- 'रची गई थी चोरी की साजिश'

'मूर्ति के असली गहने हटाकर मुझे चोर साबित करने की हुई कोशिश'- केरल में जातिगत भेदभाव और धमकियों से तंग आकर 23 वर्षीय दलित पुजारी ने छोड़ी नौकरी।
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एर्नाकुलम (केरल): केरल के एर्नाकुलम जिले के अलंगड से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दलित पुजारी ने सीपीआई (एम) समर्थित देवस्वोम एम्प्लाइज कन्फेडरेशन पर जातिगत भेदभाव, धमकियों और फर्जी शिकायतों का गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

युवा पुजारी पी.आर. विष्णु का दावा है कि जब उन्होंने कुछ अनुचित प्रथाओं और गलत कामों का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया, तो उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके कारण उनके लिए मंदिर में काम करना असंभव हो गया।

नौकरी के कुछ ही महीनों बाद शुरू हुई साजिशें

23 वर्षीय विष्णु अलंगड के मलीकमपीडिका वथुरक्कावु मंदिर (Malikampeedika Vathurakkavu Temple) में नियमित पुजारी की जगह अंशकालिक (पार्ट-टाइम) आधार पर सेवाएं दे रहे थे। उन्हें यह जिम्मेदारी करीब चार महीने पहले तब मिली थी, जब त्रावणकोर देवस्वोम रिक्रूटमेंट बोर्ड (TDB) ने लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर उनका चयन किया था। लेकिन नियुक्ति के कुछ महीनों के भीतर ही, मंदिर प्रशासन को उनके नाम से फर्जी पतों से झूठी शिकायतें मिलनी शुरू हो गईं।

सनातन धर्म से प्रेम और 'चोर' साबित करने की कोशिश

सनातन धर्म के प्रति अपनी गहरी आस्था के कारण विष्णु ने तांत्रिक पूजा-पाठ का कड़ा प्रशिक्षण लिया था और इस पेशे को चुना था। अपने साथ हुई एक खौफनाक साजिश का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया:

"मुझे चोर साबित करने की पूरी कोशिश की गई थी। मैं यह देखकर हैरान रह गया कि मूर्ति पर चढ़े असली सोने के आभूषणों को हटाकर वहां नकली गहने रख दिए गए थे। मुझे शक हुआ तो मैंने तुरंत एक सुनार को बुलाकर उन गहनों की गुणवत्ता की जांच कराई। इस तरह मैं खुद पर चोरी का झूठा दाग लगने से बाल-बाल बच गया।"

परिवार को भी बनाया जा रहा निशाना

विष्णु के पिता पी.के. रमेसन एक दिहाड़ी मजदूर हैं और उनकी मां सौम्या रमेसन एक गृहिणी हैं। पुजारी का आरोप है कि अब उनके परिवार को भी जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। विष्णु ने खुलासा किया कि उन्होंने एक स्थानीय व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे वापस लेने के लिए उन पर कई तरफ से भारी दबाव डाला जा रहा है।

क्या है आगे का रुख?

हालिया घटनाक्रम पर विष्णु ने बताया कि बुधवार को टीडीबी (TDB) अध्यक्ष कार्यालय से उन्हें फोन आया था और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उनका बयान भी दर्ज कर लिया है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कह दिया है कि यदि उन्हें अपमानित करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है, तो वह अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

देवस्वोम एम्प्लाइज कन्फेडरेशन की सफाई

इस पूरे विवाद के बीच देवस्वोम एम्प्लाइज कन्फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रजीत कुमार ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा, "हमारा संगठन किसी को भी हमारे पुजारियों के खिलाफ जातिगत भेदभाव करने की छूट नहीं देगा, क्योंकि उन्हें सीधे टीडीबी कमिश्नर द्वारा चुना गया है। जिन टीडीबी कर्मचारियों ने विष्णु का अपमान किया है, हम उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई करेंगे।"

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