
उत्तर प्रदेश: प्रतापगढ़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पट्टी पुलिस स्टेशन के एक कमरे में सोमवार को एक दलित युवक का शव फंदे से लटकता मिला। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस और एक नाबालिग लड़की के परिवार वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी पुलिसकर्मियों और लड़की के परिवार वालों के खिलाफ हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दरअसल, मृतक युवक पर नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला चल रहा था, जिसे लड़की के पिता ने दर्ज कराया था।
प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक बुकर ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में पट्टी के एसएचओ आनंद पाल सिंह और जांच अधिकारी ओंकार सिंह को निलंबित कर दिया है।
पट्टी के क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रदीप सिंह के अनुसार, लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि युवक ने शादी की नीयत से उनकी 17 वर्षीय बेटी का अपहरण किया है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। पुलिस ने कुछ समय पहले लड़की को गाजियाबाद से बरामद किया था, जिसके बाद मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज किए गए।
लड़की ने अपने बयान में साफ कहा था कि वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी और उसी के साथ रहना चाहती थी। हालांकि, सीओ ने स्पष्ट किया कि नाबालिग होने के कारण कानून उसे अभी यह फैसला लेने की इजाजत नहीं देता।
पुलिस के मुताबिक, युवक को गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि वह सोमवार को खुद चलकर थाने आया था। उसे हवालात में नहीं रखा गया था। वह एक कमरे में बैठा था, जहां जांच अधिकारी उससे अपहरण के मामले में पूछताछ कर रहा था।
अधिकारी किसी काम से कमरे से बाहर गया था। जब वह लौटा तो उसने युवक को बाथरूम के रोशनदान में लगी लोहे की रॉड से लटकता पाया। पुलिस का कहना है कि युवक ने कमरे में रखे कंबल को फाड़कर उसका फंदा बनाया था।
युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीओ ने बताया कि यह दूसरी बार था जब युवक और लड़की कथित तौर पर साथ भागे थे। पिछली बार भी लड़की ने यही कहा था कि वह अपनी मर्जी से गई थी, लेकिन नाबालिग होने के कारण उसे माता-पिता को सौंप दिया गया था।
इस बार लड़की की बरामदगी के बाद युवक खुद थाने पहुंचा था। उसका दावा था कि उन दोनों ने शादी कर ली है और वे पति-पत्नी की तरह एक साथ रह रहे थे।
दूसरी तरफ, मृतक के परिवार का सीधा आरोप है कि लड़की के पिता के इशारे पर पुलिस ने युवक को थाने के भीतर बुरी तरह प्रताड़ित किया। उनका कहना है कि पुलिस ने हत्या को छिपाने के लिए इसे आत्महत्या का रूप देकर शव को फंदे से लटका दिया।
सीओ ने आश्वासन दिया है कि जांच में सभी आरोपों की सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मामले में बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने थाने के सीसीटीवी फुटेज और अन्य अहम सबूत सुरक्षित कर लिए हैं। इसके अलावा जिलाधिकारी ने इस संदिग्ध मौत की मजिस्ट्रेटी जांच की सिफारिश कर दी है।
इस घटना ने अब तूल पकड़ लिया है। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया है।
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