मध्य प्रदेश: दलित को मैला खिलाया, शिकायत पर उल्टा पंचायत ने ठोका जुर्माना

पीड़ित
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मध्य प्रदेश। सीधी जिले में पेशाब कांड के बाद दलितों पर अत्याचार और लगातार मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटनाएं सामने आ रही है। ताजा मामला छतरपुर जिले से आया है। एक दलित व्यक्ति ने मानव मल खिलाए जाने का आरोप लगाया है। यही नहीं पीड़ित का कहना है जब उसने इसकी शिकायत की तो उस पर पंचायत ने उल्टा जुर्माना लगा दिया। मामला सामने आने के बाद मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे और आनन-फानन में आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के महाराजपुर क्षेत्र में बिकौरा गांव है। इस गांव में देश राज अहिरवार रहते हैं। देश राज अहिरवार अनुसूचित जाति समाज के व्यक्ति हैं। देशराज ने द मूकनायक से अपना दर्द बयान करते हुए कहा, "मैं पेशे से राजगीर मिस्त्री हूँ। बिकौरा गांव में सड़क निर्माण के साथ ही नाली निर्माण का काम चल रहा है। मैं नाली निर्माण का काम कर रहा हूँ। 21 जुलाई को भी मैं रोज की तरह काम कर रहा था। इस दौरान हाथ में लगा ग्रीस राम कृपाल पटेल के हाथ में लग गया। इससे राम कृपाल पटेल भड़क गया और मुझे जातिसूचक गाली देने लगा। वह लोटे में मानव मल भरकर लाया और मुझे जबरन पिलाने लगा। इस दौरान कुछ मानव मल मेरे शरीर पर गिरा और कुछ मुझे पिला दिया गया।"

एफआईआर दर्ज

देशराज का कहना है कि घटना के बाद जब मैंने गांव के लोगों को अपनी आपबीती सुनाई तो गांव के लोगों ने एक पंचायत बुलाई और उल्टा मुझ से ही 600 रुपए जुर्माना ले लिया गया।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अफसर?

इस मामले में एसडीओपी मनमोहन सिंह बघेल ने द मूकनायक को जानकारी देते हुए बताया-'घटना मजाक में शुरू हुई थी। देशराज अहिरवार ने पहले राम कृपाल पटेल से मजाक किया, उसके बाद यह घटना हुई। आरोपी राम कृपाल पटेल पर एससी/एसटी एक्ट सहित शरीर पर मल फेंकना एवं मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।'

मध्य प्रदेश में दलित और आदिवासियों के खिलाफ लगातार हो रहे कुकृत्य

मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों से दलित और आदिवासियों के खिलाफ मानवता को शर्मसार करने वाली कई घटनाएं सामने आई हैं। पहले तो पूरे देश में सीधी पेशाब काण्ड की चर्चा रही। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के बीजेपी विधायक प्रतिनिधि ने एक आदिवासी के चेहरे पर पेशाब कर दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने त्वरित एक्शन लेते हुए ना सिर्फ आरोपी भाजपा नेता के घर पर बुलडोजर चलवाया, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को भोपाल बुलाकर मुख्यमंत्री आवास में पांव भी धोए।

शिवराज सिंह चौहान के इस कदम के बाद ऐसा लग रहा था कि मध्य प्रदेश में अब दलित और आदिवासियों पर हो रहा अनाचार थम जाएगा, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं दिख रहा है। सीधी मूत्रकांड के बाद दलित और आदिवासियों के खिलाफ मानवता को शर्मसार कर देने वाली कई घटनाएं सामने आईं। ग्वालियर, रीवा और मध्य प्रदेश के दूसरे अलग-अलग जिलों से दलितों और आदिवासियों के खिलाफ बर्बरता पूर्ण और बेहद घिनौनी घटनाएं हुईं हैं। सीधी घटना के तुंरत बाद ग्वालियर में एक दलित युवक को जबरन कार में बिठाकर पैरो के तलवे चटवाये जाने और चप्पलों से पिटाई करने का मामला सामने आया था, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद रीवा जिले से एक मामला सामने आया था, जिसमें एक दलित की जूते-चप्पलों से पिटाई की गई और जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में जुलुस निकाला गया था।

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