तेलंगाना: इलाज में लापरवाही का वीडियो बनाना पड़ा भारी, प्रताड़ना से तंग आकर दलित युवक ने दी जान, डॉक्टर और पुलिस पर FIR

आदिलाबाद में इलाज की लापरवाही का वीडियो बनाने पर स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस की प्रताड़ना का शिकार हुए 26 वर्षीय दलित युवक राहुल कांबले ने फांसी लगा ली। सुसाइड नोट के आधार पर मामले में एक डॉक्टर, नर्स और कांस्टेबल पर आत्महत्या के लिए उकसाने तथा SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है।
आत्महत्या
आत्महत्या
Published on: 

आदिलाबाद में एक 26 वर्षीय दलित युवक राहुल कांबले की आत्महत्या के मामले में एक डॉक्टर, एक नर्स और एक पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के कर्मचारियों और पुलिस ने राहुल को जातिसूचक गालियां दीं और उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया।

घटना की शुरुआत बुधवार को हुई, जब राहुल को बिच्छू ने काट लिया था। इलाज के लिए उसे तुरंत रिम्स (RIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी, जिसे देखकर राहुल ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

वीडियो बनाने की बात सामने आने पर डॉक्टरों और पुलिस ने कथित तौर पर उसे जमकर फटकार लगाई और उसे अपमानित किया। इस मानसिक प्रताड़ना और अपमान से आहत होकर गुरुवार सुबह राहुल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

कथित सुसाइड नोट में राहुल ने साफ तौर पर लिखा है कि रिम्स के डॉक्टरों के निर्देश पर पुलिस द्वारा उसे टॉर्चर किया गया। इस মর্মান্তিক घटना के बाद गुरुवार को राहुल के परिवार और कई दलित संगठनों ने रिम्स के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के कर्मचारियों और पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए न्याय की मांग की।

परिजनों के भारी विरोध और हंगामे के बाद प्रशासन को तत्काल कदम उठाने पड़े। आदिलाबाद के डीएसपी एल. जीवन रेड्डी ने जानकारी दी कि गुरुवार शाम राहुल के पिता की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर तीन लोगों को नामजद किया गया है।

पुलिस ने डॉ. सौरभ, स्टाफ नर्स ममता और द्वितीय नगर थाने के हेड कांस्टेबल फतेह सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन सभी पर भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

आत्महत्या
मद्रास हाईकोर्ट ने CJP प्रवक्ता सौरव दास की पृष्ठभूमि की जांच पर जारी किया नोटिस
आत्महत्या
अरुणाचल प्रदेश: गिरफ्तार लोगों की रिहाई और जल-जंगल बचाने की मांग को लेकर ईटानगर की सड़कों पर उतरा स्थानीय लोगों का जनसैलाब
आत्महत्या
मणिपुर: दो कुकी युवाओं के अपहरण से भारी तनाव, कांगपोकपी जिले में 48 घंटे का बंद शुरू

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें