मणिपुर: कुकी-ज़ोमी समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन 'कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी' (CoTU) ने मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 48 घंटे के बंद का ऐलान किया है। संगठन ने दो कुकी युवाओं के कथित अपहरण की कड़ी निंदा करते हुए उनकी सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई की मांग रखी है।
जिले में यह बंद गुरुवार 29 अक्टूबर, शाम 5 बजे से प्रभावी हो गया है, जो 31 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक जारी रहेगा।
CoTU द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों युवक बुधवार 28 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे लापता हो गए। उस समय वे जिले के हेंगबुंग और ताफू कुकी गांवों के बीच यात्रा कर रहे थे।
इन अपहृत युवाओं की पहचान 20 वर्षीय थांगगिनलुन चोंगलोई और पाओमिनलाल चोंगलोई के रूप में हुई है। इस कथित अपहरण की घटना के पीछे गैर-कुकी चरमपंथियों का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि बंद के दौरान जिले के सभी बाजार, दुकानें, वाहन, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी व निजी कार्यालय पूरी तरह से बंद रहेंगे। हालांकि, आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा कर्मियों, मीडिया और सुरक्षा बलों को इस बंद के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके साथ ही, CoTU ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए युवाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
इस घटना के बाद संगठन ने राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के रवैये पर भी कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कुकी-ज़ोमी समुदाय के साथ जानबूझकर भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है।
CoTU ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब गैर-कुकी-ज़ो समूहों के सामने कोई समस्या आती है, तो प्रशासन और सुरक्षा बल तुरंत बचाव अभियान शुरू कर देते हैं। इसके विपरीत, जब कुकी-ज़ो समुदाय के लोगों का अपहरण होता है या उन पर जानलेवा हमले होते हैं, तो तंत्र की तरफ से सिर्फ खामोशी, देरी या निष्क्रियता ही देखने को मिलती है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यह दोहरा मापदंड किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे केवल असामाजिक तत्वों का ही मनोबल बढ़ता है।
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