राजस्थान: नाम से नहीं अनुदान से चलेगी योजना, भरेगा जरूरतमंदों का पेट! ग्राउंड रिपोर्ट

इंदिरा रसोई हुई श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना, पुरानी सरकार ने योजना शुरू की, नई सरकार ने नाम बदला।
राजस्थान: नाम से नहीं अनुदान से चलेगी योजना, भरेगा जरूरतमंदों का पेट! ग्राउंड रिपोर्ट

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बनी राजस्थान की भाजपा सरकार ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार की इंदिरा रसोई योजना के नाम बदलकर अब श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना कर दिया है, लेकिन रसोई संचालकों के भुगतान को लेकर अभी कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। रसोई संचालकों को भुगतान नहीं मिलने से प्रदेश में ज्यादातर रसोई बंद होने के कगार पर है.

कर्ज में डूबे कुछ संचालकों ने रसोई पर लगाया ताला

द मूकनायक ने राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले के मलारना डूंगर कस्बे में दो इंदिरा रसोई परिवर्तित नाम श्री अन्नपूर्णा रसोई पर जाकर जायजा लिया। पुरानी तहसील के पास चल रही रसोई बंद मिली। आस-पास लोगों से पूछने पर बताया कि 3 दिसंबर से ही यह रसोई बंद है। इसके बाद द मूकनायक की टीम पंचायत समिति कार्यालय परिसर पहुंची। जहां रसोई में कुछ लोग भोजन करते मिले। इन रसोइयों का संचालन महात्मा गांधी राजीविका महिला कलस्टर संगठन की सदस्य महिला कर रही है।

डेढ़ लाख से अधिक का अनुदान अटका, जेब खर्च से चला रही रसोई

यहां रसोई संचालक फसाना ने बताया कि उसने 10 सितंबर 2023 से रसोई का संचालन शुरू किया था। यहां भोजन करने वालों से 8 रुपए नकद मिलता है। 17 रुपए सरकार की तरफ से अनुदान देने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक अनुदान नहीं मिला है। इससे उन पर लगातार कर्ज बढ़ रहा है। अफसाना ने कहा कि अनुदान राशि का लगभग डेढ़ लाख रुपए बाकी है। यहां प्रतिदिन 70 से 80 लोग भोजन करते हैं। अब बाजार वालों ने उधार देना भी बंद कर दिया है। अब खुद नकद पैसा देकर सामान खरीदती हूं। महंगाई बढ़ती है, लेकिन हम गुणवत्ता में कोई कमी नहीं करते।

नहीं होता भेदभाव

रसोई संचालिका अफसाना कहती है कि मैं मुस्लिम हूं, लेकिन यहां सभी लोग भोजन करते हैं। यहां लछी महावर व ममता बैरवा भोजन बनाती है। खुद भी इनके साथ काम करती हूं। सभी के लिए भोजन की थाली व बैठने की व्यवस्था समान है। रसोई में हम किसी से कोई भेदभाव नहीं करते हैं। स्वच्छता व गुणवत्ता हमारी प्राथमिकता है।

अनुदान नहीं मिला, दुकानदारों ने उधारी देना बंद किया तो रसोई करना पड़ा बंद- रिजवाना

हम पुरानी तहसील के पास इंदिरा रसोई चलाने वाली रिजवाना को ढूढते हुए बैरवा बस्ती में स्थित उनके घर पहुंचे। रिजवाना से रसोई बंद करने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि 10 सितंबर से 3 दिसंबर तक रसोई चलाई है। इस दौरान लगभग 5487 लोगों ने भोजन किया। सरकार ने एक बार भी अनुदान की राशि नहीं दी है। अनुदान की 93 हजार रुपए से अधिक राशि बाकी है। अनुदान नहीं मिलने से बाजार से सब्जी, तेल मसाले खरीदने के पैसे नहीं चुका पाई हूं। दुकानदारों ने उधार सामान देना बंद कर दिया। इसलिए मजबूरन रसोई को बंद करना पड़ा। मेरे पास आय का कोई और साधन नहीं है। महिला मजदूरों का भुगतान भी बाकी है। दुकानदार व मजदूर मुझसे पैसे मांगते हैं। रसोई के लिए खुद 7 हजार का गैस कनेक्शन लिया था। सरकार अनुदान देगी तो कर्ज उतार पाउंगी।

क्या बोले भोजन करने वाले लोग?

हरीमोहन ने कहा कि बहुत अच्छा खाना है। साफ-सफाई भी रहती है। एनजीओ में काम करने वाले विराट नगर जयपुर के कैलाश वर्मा ने कहा कि मुझे पता चला कि यहां इंदिरा रसोई चल रही है। यहां सस्ते दाम में स्वादिष्ट खाना मिल रहा है। बहुत अच्छा खाना है। डॉ. संजीव वर्मा ने कहा कि पिछले दो तीन महीने से यह रसोई चल रही है। खाने बहुत अच्छा है। रोज यहां सब्जी का मेन्यू बदलता है। रोटी भी अच्छी बनती है। खास बात यह है कि यहां साफ-सफाई का अच्छे से ध्यान रखा जाता है। ताकि किसी भी प्रकार के संभावित इंफेक्शन के खतरे से बचा जा सके।  यहां सभी लोग भोजन करते हैं। मजदूर व कर्मचारी वर्ग से जुड़े लोग यहां भोजन करना पसंद करते हैं।

कांग्रेस सरकार ने इस लिए शुरू की थी योजना

तत्कालीन राजस्थान सरकार पंचायती राज विभाग ने राजस्थान में "कोई भूखा ना सोये" के संकल्प के साथ सभी नगरीय निकायों की भांति ग्रामीण कस्बों में भी इन्दिरा रसोई योजना शुरू की थी। योजना का मुख्य उद्देश्य आमजन को स्थानीय स्वादानुसार सस्ती दर पर पौष्टिक व स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराना था।

चिन्हित ग्रामीण कस्बों में इंदिरा रसोइयों का संचालन राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद (राजीविका) के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूह के द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत 901 ग्रामीण कस्बों में 1000 रसोइयों के माध्यम से दोपहर एवं रात्रि भोजन उपलब्ध करवाना है। लाभार्थी से प्रति थाली 8 रुपए लिए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रति थाली 17 रुपए राजकीय अनुदान के रूप में देना है।

सम्पूर्ण राज्य में अटका है भुगतान

द मूकनायक ने राजीविका के ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) मनोहर लाल बैरवा से दूरभाष पर बात की। बैरवा ने कहा कि पूरे राजस्थान में किसी भी इंदिरा रसोई पर अनुदान राशि का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह सच है कि भुगतान के अभाव में कई रसोई बंद हो गई है सवाईमाधोपुर व गंगापुर सिटी जिलों में लगभग 26 रसोई बंद है।

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