PM मोदी ने कहा-पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनायेंगे, CJP बोली- यह फ्रैक्चर पर बैंड-एड लगाने जैसा!

दीपके ने पीएम को घेरा, छात्रों और युवाओं पर प्रधान को प्राथमिकता देने का आरोप
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दिल्ली- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पेपर लीक संकट के समाधान के रूप में प्रधानमंत्री के फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। अभिजीत दीपके ने मोदी के ट्वीट को कोट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर के साथ “हाय, आई एम नथिंग” लिखा। यह ट्वीट पीएम मोदी और प्रधान दोनों को निशाना बनाते हए किया गया है, क्योंकि सरकार प्रधान के इस्तीफे की मांग पर खामोश है। दीपके ने आरोप लगाया कि मोदी के लिए युवा प्राथमिकता नहीं बल्कि प्रधान सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं, तभी उन्हें बचाया जा रहा है।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री के बयान पर विस्तृत जवाब देते हुए कहा, “फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा कोई वास्तविक समाधान नहीं है। यह महज ध्यान भटकाने की कोशिश है। प्रधानमंत्री देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ क्रूर मजाक कर रहे हैं।”

रांका ने आगे कहा, “पेपर लीक इसलिए नहीं हो रहे क्योंकि भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं थे। ये इसलिए हो रहे हैं क्योंकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पूरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने सुरक्षित और फेलप्रूफ परीक्षा प्रणाली बनाने में पूरी तरह विफलता हासिल की है। आज देश के युवा सबसे पहले एक ही चीज मांग रहे हैं - जवाबदेही।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री का प्रस्तावित समाधान फ्रैक्चर वाली हड्डी पर बैंड-एड लगाने जैसा है। समस्या कहीं ज्यादा गहरी है। हमारी परीक्षा प्रणाली अंदर से सड़ चुकी है। जब तक व्यवस्थागत नाकामियों को ठीक नहीं किया जाएगा, पेपर लीक होते रहेंगे।”

रांका ने स्पष्ट किया, “छात्रों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के वादे नहीं चाहिए। उन्हें तुरंत न्याय और जवाबदेही चाहिए। और यह जवाबदेही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई से शुरू होनी चाहिए।”

सीजेपी ने कहा है कि सरकार उसकी मांगें स्वीकार करने तक वह अपना आंदोलन जारी रखेगा। इन मांगों में शामिल हैं - धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई मुकदमा न चलाया जाए तथा अत्याचार में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा चलाया जाए।

मोदी ने क्या कहा ?

प्रधानमंत्री मोदी ने बीते एक माह से चल रहे प्रोटेस्ट और युवाओं की मांग पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए एक ट्वीट किया जिसमे लिखा, " देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"

एक्टर सलमान खान ने दिया समर्थन

बीते कुछ दिनों से फ़िल्मी सितारे भी युवाओं के समर्थन में आगे आ रहे हैं, इसी कड़ी में दबंग फेम एक्टर सलमान खान ने भी युवाओं को सपोर्ट करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. अपने इन्स्टाग्राम और x हेंडल से किये पोस्ट में सलमान ने लिखा, "यह एक बहुत ही शांतिपूर्ण आंदोलन था; बहुत दुख की बात है कि इसने हिंसक रूप ले लिया। जो छात्र और उनके परिवार घायल हुए, उनके प्रति मेरी पूरी संवेदना है। पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। मुझे यह देखकर खुशी है कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। मैं उनके इस कदम की सच में सराहना करता हूँ। उन्होंने लगन, ईमानदारी और कड़ी मेहनत करके अपना भविष्य बनाने और एक बेहतर, शिक्षित भारत के निर्माण के प्रति अपना उत्साह दिखाया है। यह आंदोलन या विरोध प्रदर्शन ही सही तरीका है, और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण ढंग से किया है। वे बहुत साहसी और बहादुर हैं। शिक्षा के प्रति प्रेरित और उत्साहित यह पीढ़ी भारत का नाम रोशन करेगी।

यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है; इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका श्रेय केवल हमारे देश के छात्रों को ही मिलना चाहिए। मुझे यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदेमंद स्थिति है। एक सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना है। जो लोग शिक्षित होना चाहते हैं, उन सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे।

शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए और इसे हर साल और अधिक लोकप्रिय व आकर्षक बनना चाहिए, ताकि दूसरे देशों से लोग पढ़ने के लिए भारत आएँ और भारत एक एजुकेशन हब बन जाए।"

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सोलह स्टेशनों पर बंद की सर्विस

इधर, गुरूवार को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने 16 मेट्रो स्टेशनों की सेवाएं अगले आदेश तक बंद कर दी हैं, इनमे लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केन्द्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं. अभिजीत दीपके ने एक ट्वीट में कहा कि मोदी पूरी दिल्ली बंद करने को तैयार हैं, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को हटाने को नहीं।

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