
नई दिल्ली। नागपुर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर ऐसा बयान दे दिया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है। भारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे चार बच्चे पैदा करें और उनमें से एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को समर्पित कर दें। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में जनसंख्या, सामाजिक संतुलन और वैचारिक संगठनों की भूमिका को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही हैं।
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत स्वयं मौजूद थे। उनके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई बड़े नेता और संत भी मंच पर उपस्थित थे। इतने बड़े मंच और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में दिया गया यह बयान अब राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील बन गया है।
RSS की तरीफ की
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में RSS की जमकर सराहना करते हुए कहा कि संगठन राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और युवाओं को संस्कारित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार एक बच्चे को संघ के लिए समर्पित कर दे, तो देश में एक मजबूत वैचारिक आधार तैयार हो सकता है। हालांकि, उनके इस बयान को लेकर अलग-अलग वर्गों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने आरही है, क्योंकि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक निर्णयों में हस्तक्षेप के रूप में भी देखा जा सकता है।
इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मराठा इतिहास के महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर भी एक बयान दिया, जिसने इतिहासकारों और राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। शास्त्री ने दावा किया कि युद्धों से थककर शिवाजी महाराज ने सत्ता छोड़ने की इच्छा जताई थी और वे अपने गुरु समर्थ रामदास स्वामी के पास गए थे। हालांकि, इस कथन की ऐतिहासिक प्रामाणिकता को लेकर विशेषज्ञों के बीच बहस हो सकती है।
आजाद समाज पार्टी (ASP) के नेता दामोदर यादव मण्डल ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के “चार बच्चे पैदा करो” वाले बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मंच से यह बात कही गई, पहले उस संगठन के नेताओं से पूछा जाना चाहिए कि वे खुद कितने बच्चे पैदा करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसान, गरीब और मजदूर चार बच्चे पैदा करें तो उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी क्या धीरेंद्र शास्त्री या उनकी सरकार उठाएगी। यादव ने इस बयान को आम लोगों की वास्तविक परिस्थितियों से कटा हुआ और गैर-जिम्मेदाराना बताया।
यादव ने आगे आरोप लगाया कि उनके पहले लगाए गए आरोप अब सही साबित हो रहे हैं और धीरेंद्र शास्त्री, योगी आदित्यनाथ की तरह मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, इसलिए RSS के मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर शास्त्री को राजनीति ही करनी है तो भगवा वस्त्र उतारकर खुलकर राजनीति करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “हमारे बच्चे किसी तथाकथित धर्म की भेंट चढ़ने के लिए नहीं हैं, अगर इतना ही शौक है तो वे खुद अपने बच्चे पैदा करके संघ को
पहले भी दे चुके विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने “चार बच्चों” को लेकर बयान दिया हो। इससे पहले भी वे कई मंचों से जनसंख्या बढ़ाने और धार्मिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण से परिवार बढ़ाने की बात कर चुके हैं। लेकिन इस बार उनके बयान में RSS को सीधे जोड़ देने के कारण विवाद और गहरा हो गया है।
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