उत्तर प्रदेश: कच्ची बस्ती की समस्याओं को किया साझा, मांगा समाधान

बस्तियों में जागरूकता कार्यक्रम करने वाली युवतियों ने बताई जमीनी हकीकत.
उत्तर प्रदेश: कच्ची बस्ती की समस्याओं को किया साझा, मांगा समाधान

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ के निशातगंज स्थित कैफ़ी आज़मी एकेडमी में मंगलवार को विज्ञान फाउंडेशन व अजीम प्रेमजी फिलेन्ट्रोपिक इनिशिएटिव के संयुक्त तत्वावधान में ‘सपनों की उड़ान’ कार्यक्रम के तहत शेयरिंग व डॉक्यूमेंट्री लांच कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विज्ञान फाउण्डेशन की निगरानी में चलाए जा रहे परियोजना के तहत 8 सिविक एक्शन प्लान प्रोजेक्ट युवतियों के द्वारा अपने क्षेत्र में पड़ने वाली बस्तियों में अमल में लाए गए। इस कार्यक्रम के दौरान युवतियों ने लोगों की जिन समस्याओं को देखा और सुना उसे पीपीटी प्रजेन्टेशन के माध्यम से कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच साझा किया।

मडियांव की रहने वाली रोशनी ने बताया कि मैं उन लड़कियों में से एक हूँ, जिनकी पढ़ाई किसी कारण छूट गई थी, मैं 5 साल बाद अपनी पढ़ाई फिर से कर रही हूँ और अन्य ड्रॉपआउट लड़कियों के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रही हूँ कि सभी शिक्षा पूरी करें।

रुचि ने बताया कि जब मैं छोटी थी तो एक पुलिस अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन अब मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता बनना चाहती हूँ। अपने समुदाय की वयस्क महिलाओं के साथ काम कर रही हूँ और उन्हें साक्षर बनाना चाहती हूं।

अक्सा फातिमा ने कहा, "मड़ियांव की रहने वाली हूँ। हॉकी खेल से प्यार करती हूँ,और इसमें ही अपना करियर बनाना चाहती हूँ। साथ ही मैं अपने समुदाय के साथ काम करना चाहती हूँ। मैं वर्तमान में अपने इलाके में आपूर्ति जल की गुणवत्ता में सुधार पर काम कर रही हूँ। जानकीपुरम की एकता ने बताया कि मेरा सपना राजनीति में करियर बनाने का है। वह एक चेंजमेकर बनना चाहती हूँ। किशोरी लड़कियों के लिए अपने प्रयासों का पालन करने के लिए अवसर बनाना चाहती हूँ।"

पारा की सविता व जानकीपुरम से निखत ने कहा, "मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता बनना चाहती हूँ। अपने साथियों और समुदाय के विकास के लिए काम करना चाहती हूँ। मेरे द्वारा लखनऊ शहर के 10 सार्वजनिक स्थानों के सुरक्षा ऑडिट पर काम किया गया।" पूर्वीदीन खेड़ा की शिखा ने बताया कि मैं कचरा प्रबंधन को लेकर काम कर रही हूँ। मेरा मानना है कि अगर हम अपने घर में पैदा होने वाले ठोस कचरे का प्रबंधन कर सकें तो दुनिया और समुदाय एक बेहतर जगह होगी। जानकीपुरम की शीफा के द्वारा बताया गया कि मैं अपने इलाके में ताइक्वांडो चैंपियन हूँ और नर्सिंग में अपना करियर बनाना चाहती हूँ, लेकिन ताइक्वांडो के प्रति अपने जुनून को भी आगे बढ़ाना चाहती हूँ।

इसके बाद सरकारी व गैर सरकारी विभाग के सम्मानित सदस्यगण की उपस्थिति में सपनों की उड़ान कार्यक्रम के डॉक्यूमेंट्री का लांच किया गया। इसीक्रम में कार्यक्रम से जुड़े मेंटर्स के द्वारा किशोरियों के द्वारा किये गए कार्यों को सराहा गया। वहीँ बताया गया कि जिस तरह से 3 साल के यात्रा को डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से दिखाया गया है। निश्चित ही अगर इस तरह के काम होते रहेंगे तो हमारे समाज में बदलाव देखने को मिलेगा।

इस मौके पर एफपीएआई से मिताश्री किशोरी समूह सदस्यों की मेंटर गुरजीत,मद्यनिषेध विभाग से बृजमोहन, UPSDM से स्मृति, आईसीआईसीआई अकादमी से शिल्पी, सामाजिक कार्यकर्ता ताहिरा हसन, नशीर,ऋषि,नितीश, मुकेश व गैर सरकारी संस्था हम- सफ़र, एम्बेड, रेड ब्रिगेड ट्रस्ट, बाला फाउंडेशन से सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विज्ञान फाउंडेशन संस्था के कोषाध्यक्ष रामायण यादव ने सभी का धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

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