MP: बीना में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा फूटा, बोलीं – 'कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील में लगाएंगे फांसी'

महिलाओं के इस प्रदर्शन के बाद तहसील प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
तहसील में महिलाओं ने सौंपा ज्ञापन
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भोपाल। सागर जिले के बीना तहसील अंतर्गत कंजिया चौकी के लहरावदा गांव में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ शुक्रवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की दर्जनों महिलाएं हाथों में रस्सी लेकर तहसील पहुंचीं और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि अवैध शराब की बिक्री पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो वे तहसील परिसर में आत्महत्या कर लेंगी।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में रोहित लोधी, कपूर लोधी और हरकिशन लोधी द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। इससे गांव का माहौल बिगड़ गया है। नशे में धुत लोग रातभर घरों के सामने हंगामा करते हैं। शाम होते ही महिलाएं और बेटियां घर से बाहर निकलने में डरने लगी हैं।

181 पर शिकायत

महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार की हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों के घरों से अवैध शराब जब्त भी की थी, लेकिन यह कार्रवाई केवल एक दिन की थी। अगले ही दिन फिर से उन्हीं स्थानों पर शराब की बिक्री शुरू हो गई।

'घर में रहना भी मुश्किल हो गया है'

ज्ञापन सौंपने आई महिलाओं ने कहा –"हम अपने ही घरों में सुरक्षित नहीं हैं। बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाली लड़कियों को शराबियों की फब्तियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन और पुलिस आंखें मूंदे बैठी है।"

महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से तहसील परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या करेंगी। इसी के चलते उन्होंने रस्सी हाथ में लेकर प्रदर्शन किया, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

सागर जिले के कई गांवों में अवैध शराब का कारोबार ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। गांवों में खासकर महिलाओं को इसकी वजह से सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी हेमलता ने बताया, “गांव में तीन-तीन जगह शराब बिक रही है। मर्द दिनभर पीकर घर आते हैं और झगड़ा करते हैं। बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। कई महिलाएं आत्महत्या की सोच रही हैं। अब बर्दाश्त के बाहर हो गया है।”

हेमलता बताती हैं कि प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं के इस प्रदर्शन के बाद तहसील प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

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