नई दिल्ली: मणिपुर में हिंसा और अशांति का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को तामेंगलोंग जिले के लांसन गांव में हथियारबंद बदमाशों ने एक कुकी किसान की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, यह जानलेवा हमला कुकी बहुल इस इलाके में सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हुआ।
घटना के वक्त कुछ किसान इम्फाल-तामेंगलोंग रोड के किनारे स्थित धान के खेत में अपना रोजमर्रा का काम कर रहे थे। तभी अचानक वहां पहुंचे हथियारबंद हमलावरों ने किसानों की ओर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस भीषण गोलीबारी में 55 वर्षीय हाओगिन लौवुम नामक किसान की जान चली गई। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की तलाश में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
यह दर्दनाक वारदात उसी दिन सामने आई है जब नागा समूहों द्वारा बंधक बनाए गए 14 कुकी लोगों को रिहा किया गया था। इन सभी 14 लोगों को 13 मई को कांगपोकपी और नोनी जिलों में हुए दोहरे हमले के बाद अगवा कर लिया गया था। उस हिंसक वारदात में तीन चर्च नेताओं और एक नागा व्यक्ति सहित कुल चार लोगों की मौत हो गई थी।
इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को भी राज्य में हत्या की एक अन्य घटना हुई थी। कांगपोकपी जिले के पोंगरिंगलोंग पार्ट-I गांव में 58 वर्षीय एक रोंगमेई नागा व्यक्ति, चुनजंगलुंग पनमेई की हत्या कर दी गई थी। पनमेई गांव के आठ अन्य लोगों के साथ कांगपोकपी के जंगल में जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गए थे, तभी उन पर यह जानलेवा हमला हुआ।
ताजा हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव का माहौल गहरा गया है। कुकी समुदाय के प्रमुख संगठन 'कुकी इनपी सदर हिल्स' ने हाओगिन लौवुम की हत्या के लिए सीधे तौर पर एनएससीएन-आईएम (NSCN-IM) के कामसन गुट को जिम्मेदार ठहराया है। प्रशासन फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने और मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रहा है।
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