DNA Test: राजस्थान के शिक्षा मंत्री को 'रक्त-बाल-नाखून' का सैंपल भेजेंगे देशभर के आदिवासी युवा, जानिये क्यों आक्रोशित है समाज

भारत आदिवासी पार्टी के नेतृत्व में राष्ट्रव्यापी अभियान का आग़ाज, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का इस्तीफ़ा लेने के लिए समाज के कार्यकर्ता करेंगे आवास का घेराव, पुतला भी जलाएंगे
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भेजने के लिए अपना रक्त नमूना देते हुए एक आदिवासी युवा
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भेजने के लिए अपना रक्त नमूना देते हुए एक आदिवासी युवा

जयपुर- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा आदिवासियों के 'डीएनए' पर दिए गए बयान पर बवाल बढ़ने लगा है. आदिवासी समाज विशेषकर युवा वर्ग में घोर नाराजगी फ़ैल रही है. भारत आदिवासी पार्टी ( बाप) सहित एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्त्ता शिक्षा मंत्री के विरोध में आगये हैं. बाप के आह्वान पर जहाँ राजस्थान के कई जगहों से समुदाय के युवा अपना डीएनए टेस्ट करवाने के लिए ब्लड सैंपल देने की शुरुआत कर चुके हैं वहीं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मदन दिलावर के पुतले फूंकने और घर के सामने धरना प्रदर्शन आदि की खबरें आने लगी हैं.

लोकसभा चुनाव में विजयी हुए सांसद राजकुमार रोत और दो विधायकों के साथ हाल ही में राजनीतिक गति पकड़ चुकी पार्टी बीएपी दिलावर के विवादास्पद टिप्पणियों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।

पार्टी अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने कहा बीएपी के अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन किसी को भी किसी व्यक्ति या समुदाय की वंशावली पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। "राजस्थान सरकार में संघी शिक्षा मंत्री मदन दिलावर आदिवासी विरोधी व्यक्ति हैं। आदिवासियों में बढ़ती स्वतंत्र राजनीतिक चेतना से घबराकर संघी अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और अब अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह साफ कर दें कि आदिवासियों के डीएनए पर सवाल उठाने की हिम्मत भी मत करना। नहीं तो आदिवासी आरएसएस का डीएनए जांच लेंगे।"

जयपुर में एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है, जहाँ राजकुमार रोत और अन्य आदिवासी सदस्य दिलावर की टिप्पणियों के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से रक्त के नमूने देंगे।

एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में, बीएपी ने दिलावर की टिप्पणियों की निंदा करते हुए उन्हें "अत्यधिक निंदनीय और गैर-जिम्मेदाराना" बताया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आदिवासी समुदाय के प्रति घृणा प्रदर्शित करने का आरोप लगाया।

ट्राइबल आर्मी के फाउंडर हंसराज मीणा ने अपने x पोस्ट पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के द्वारा आदिवासियों के डीएनए पर सवाल उठाना बेहद निंदनीय एवं शर्मनाक है। यह महान आदिवासी समुदाय का घोर अपमान है। हम मदन दिलावर के तत्काल इस्तीफे की मांग करते है।

सांसद राजकुमार ने अपने x हैंडल पर घोषणा की , " बहुत जल्द ही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के सरकारी आवास पर मेरा ब्लड सैंपल भेजा जायेगा, और हर आदिवासी के घर से सैंपल भेजने का अभियान चलाया जायेगा। मंत्री जी DNA टेस्ट मशीन की व्यवस्था करके रखें।"

भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. जितेन्द्र मीणा ने द मूकनायक से बात करते हुए दिलावर की टिप्पणियों को बेहद अपमानजनक बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आरएसएस और भाजपा का आदिवासी समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का इतिहास रहा है।

मीणा ने कहा, "यह कहानी लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब आदिवासी समुदाय, बीएपी के नेतृत्व में जवाबी कार्रवाई कर रहा है। राजस्थान में भाजपा की हालिया हार, खासकर बांसवाड़ा डूंगरपुर सीट पर मिली करारी हार की वजह से इस तरह नेता अपनी बौखलाहट निकाल रहे हैं. मीणा ने कहा राजनीति में विचारधारा का विरोध ठीक है लेकिन किसी भी समाज या समुदाय के लोगों के लिए इस तरह की बात कहना एक मंत्री को शोभा कतई नहीं देता है, उन्हें इसके लिए आदिवासी समाज से माफ़ी मांगनी होगी।"

डॉ. मीणा ने कहा रविवार शाम को देश भर के सभी आदिवासी अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर आदिवासी विरोधी संघी मंत्री मदन दिलावर का पुतला जलाएंगे।

"बीएपी के डीएनए पर सवाल उठाना आदिवासियों के स्वाभिमान पर हमला है। जब तक शिक्षा मंत्री मदन दिलावर इस्तीफा नहीं देते, आदिवासी चुप नहीं बैठेंगे।"

मीणा ने कहा, "पहले चरण में सांसद राजकुमार और बीएपी सदस्य दिलावर को अपने रक्त के नमूने देंगे। दूसरे चरण में, हम प्रत्येक आदिवासी घर से नमूने एकत्र करने का आग्रह करेंगे। हम प्रत्येक आदिवासी परिवार से कह रहे हैं कि वे अपने नाम और पते के साथ एक पैकेट में रक्त, बाल या नाखून का नमूना मंत्री को भेजें ताकि वह हमारी वंशावली का पता लगाने के लिए डीएनए परीक्षण कर सकें।"

राजस्थान के प्रतापगढ़ में शिक्षा मंत्री का पुतला फूंकते समाजजन
राजस्थान के प्रतापगढ़ में शिक्षा मंत्री का पुतला फूंकते समाजजन

ये बयान है विवाद की जड़

मंत्री दिलावर की विवादास्पद टिप्पणी बीएपी सांसद राजकुमार रोत पर लक्षित थी, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे अपनी विशिष्ट आदिवासी विरासत के हवाले से खुद को हिंदू नहीं मानते।

जवाब में दिलावर ने रोत की वंशावली पर सवाल उठाया और डीएनए परीक्षण का सुझाव दिया ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे "हिंदू के बेटे" हैं या नहीं। दिलावर ने कहा, "हम उन लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो देश और समाज को विभाजित करने की कोशिश करते हैं। हम उनके पूर्वजों से पता लगा सकते हैं कि वे हिंदू हैं या नहीं। हमारे पास ऐसे लोग हैं जो वंशावली रिकॉर्ड करते हैं और पुष्टि कर सकते हैं... कि उन्हें अपनी वंशावली स्थापित करने के लिए डीएनए परीक्षण से गुजरना चाहिए या नहीं।"

दिलावर के इस बयान से आदिवासी समाज में आक्रोश छा गया और व्यापक तौर पर मंत्री के बिगड़े बोल की निंदा की जाने लगी ।

"शिक्षा मंत्री की टिप्पणियों ने आदिवासी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। हम दिलावर के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के लिए जल्द ही आदिवासी लोगों की महापंचायत बुलाएँगे। हम उनका पुतला भी जलाएँगे," पार्टी अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने घोषणा की और आगे कहा कि भाजपा बिना शर्त माफ़ी मांगे या राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

जैसे-जैसे बयान ने तूल पकड़ा और असहमति के स्वर बढने लगे, सोशल मीडिया पर #ResignMadanDilawar और #MadanDilawarApologize जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने शनिवार को उदयपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान अपनी स्थिति स्पष्ट की।

दिलावर ने कहा, "आदिवासी उन पेड़ों को संरक्षित करते हैं जो हमें जीने के लिए जीवनदायी ऑक्सीजन देते हैं और इसलिए वे हमारे लिए अमूल्य हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को संदर्भ से बाहर ले जाया गया। " जयपुर में किसी एक पत्रकार ने सवाल किया था कि आदिवासी समुदाय के कुछ लोग खुद को हिंदू नहीं मानते हैं। जवाब में, मैंने कहा कि यह सत्यापित करने के लिए कि वे हिंदू हैं या नहीं, हम उनकी ऐतिहासिक वंशावली का आकलन कर सकते हैं। लिंग या उम्र से परे, हर कोई हमारे लिए सम्मानीय है".

आदिवासी युवा महेंद्र भील जावल (सिरोही) के साथ ही अन्य आदिवासी संगठनों ने दिलावर की टिप्पणी की आलोचना की। एक्स पर एक बयान में कहा: “दिलावर जी, इस देश में किसी में भी आदिवासियों के डीएनए पर सवाल उठाने की हिम्मत नहीं है। आदिवासी हिंदू हैं या नहीं, इसका फैसला आदिवासी खुद करेंगे, आप जैसे संघी (आरएसएस) नहीं। और मैं आपको याद दिला दूं, आदिवासी जानते हैं कि उनके पिता कौन हैं; शायद आपको अपने पूर्वजों के बारे में पता लगाना चाहिए।”

कई आदिवासी समर्थकों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरें पोस्ट करके अपनी पहचान और गौरव का दावा किया है।

बीएपी आदिवासी समुदाय के अपमान पर कानूनी विकल्पों की तलाश कर रही है और समर्थन जुटाने के लिए सामाजिक और राजनीतिक अभियान चला रही है।

जयपुर में आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई है, जहाँ राजकुमार रोत और अन्य आदिवासी सदस्य दिलावर की टिप्पणियों के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से रक्त के नमूने देंगे।

व्यंगात्मक रूप में विरोध करते हुए BAP ने केंद्र सरकार से आधार कार्ड की तरह ही डीएनए कार्ड जारी करने का भी आग्रह किया, ताकि बुनियादी पहचान स्थापित की जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी विशेष देश से होने का प्रमाण पत्र प्राप्त व्यक्तियों को अप्रवासी घोषित किया जाना चाहिए और उनसे मतदान के अधिकार छीन लिए जाने चाहिए।

जैसे-जैसे विवाद बढ़ता जा रहा है, BAP समर्थन जुटा रहा है और आदिवासी समुदाय के अधिकारों और मान्यता की ओर राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित कर रहा है।

NSUI ने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाकर जताया विरोध

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा आदिवासियों को लेकर दिए गए बयान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। जयपुर में विधानसभा के बाहर NSUI कार्यकर्ताओं द्वारा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का पुतला फूंक विरोध प्रदर्शन किया गया। NSUI कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर समय रहते शिक्षा मंत्री ने अपने बयान के लिए सार्वजनिक माफी नहीं मांगी। तो NSUI प्रदेशभर में शिक्षा मंत्री के खिलाफ अभियान चलाएगी। NSUI के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश भाटी ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने आदिवासियों के खिलाफ अमर्यादित बयान दिया है। जिससे न सिर्फ राजस्थान बल्कि, देश के प्रत्येक आदिवासी और सभी समाज के लोगों में आक्रोश है। इसलिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को तुरंत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को बर्खास्त कर देना चाहिए। भाटी ने कहा कि आज इसी मांग को लेकर हमने विधानसभा के बाहर शिक्षा मंत्री का पुतला फूका है। अगर अब भी सरकार नहीं जागी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो हम प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेंगे।

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