
राजस्थान: सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे 23 वर्षीय एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। परिवार का कहना है कि नीट परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे गहरे सदमे में डाल दिया था। यह उसका तीसरा प्रयास था और उसे इस बार बेहतरीन अंकों की उम्मीद थी।
मृतक छात्र की पहचान प्रदीप महिच के रूप में हुई है, जो सीकर में एक किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसके चाचा श्रवण ने बताया कि प्रदीप ने अपना तीसरा नीट अटेंप्ट दिया था। उसका पेपर बहुत अच्छा हुआ था और वह 650 अंक आने की उम्मीद कर रहा था। लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे अंदर तक तोड़ दिया।
जाहिर है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 3 मई को नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। इसी फैसले ने प्रदीप की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
प्रदीप के मकान मालिक राजेंद्र ने भी इस बात की पुष्टि की है कि परीक्षा रद्द होने के बाद से ही वह काफी परेशान और उदास नजर आ रहा था। घटना वाले दिन प्रदीप की बहन, जो उसके साथ ही रहकर पढ़ाई करती है, नहाने और कपड़े धोने गई हुई थी। इसी दौरान प्रदीप ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
जब उसकी बहन वापस लौटी तो उसने प्रदीप को उस हालत में देखा और मदद के लिए चीख-पुकार मचाई। आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मूल रूप से झुंझुनू जिले का रहने वाला प्रदीप तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसके पिता राजेश एक मजदूर हैं। चाचा श्रवण ने बताया कि राजेश पहले से ही काफी कर्ज में डूबे हुए हैं और उन्होंने बेटे की कोचिंग की फीस भरने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी। प्रदीप की जो बहन सीकर में उसके साथ रह रही थी, वह भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है।
प्रदीप पिछले डेढ़ साल से राजेंद्र के मकान में किराए पर रह रहा था, हालांकि वह सीकर शहर में उससे भी अधिक समय से था। शनिवार सुबह छात्र का पोस्टमार्टम किया जाना तय हुआ।
इस दुखद घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। चाचा श्रवण ने अब सरकार से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि सरकार पेपर लीक मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे और उनकी संपत्तियों को जब्त करे।
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