झारखंड में कांग्रेस ने उठाया जातीय जनगणना का मुद्दा, प्रदेश प्रभारी बोले- सरकार इस पर जल्द लेगी निर्णय

कांग्रेस ने तेज की मुहिम
झारखंड में कांग्रेस ने उठाया जातीय जनगणना का मुद्दा, प्रदेश प्रभारी बोले- सरकार इस पर जल्द लेगी निर्णय
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रांची- झारखंड के सत्तारूढ़ गठबंधन में साझीदार कांग्रेस ने राज्य में जातीय जनगणना जल्द शुरू करने की जरूरत पर जोर दिया है। कांग्रेस के नवनियुक्त झारखंड प्रभारी के. राजू ने रविवार को रांची में मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी पार्टी के नेता राहुल गांधी पूरे देश में जातीय जनगणना का मुद्दा बेहद प्रमुखता के साथ उठा रहे हैं। इस पर हमारी पार्टी का स्टैंड पूरी तरह साफ है। जातीय जनगणना से समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति की तस्वीर सामने आएगी।

के. राजू ने कहा कि हाल ही में तेलंगाना में जातीय जनगणना कराई गई, जिसमें राज्य की सभी जातियों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण डेटा हासिल हुआ है। इसके आधार पर वहां की सरकार विभिन्न वर्गों के उत्थान और कल्याण के लिए पॉलिसी तय करेगी। इसी तरह झारखंड में भी हम उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जातीय जनगणना की दिशा में निर्णय लेगी।

कांग्रेस प्रभारी ने रविवार को पार्टी के विधायकों, मंत्रियों और प्रदेश इकाई के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक के बाद मीडिया को बताया कि राज्य में पार्टी की संगठनात्मक मजबूती के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

राज्य के 12 कांग्रेस विधायकों को दो-दो जिलों में संगठनात्मक कार्यक्रमों और गतिविधियों को मॉनिटर करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे प्रत्येक माह संबंधित जिलों में नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे और जनता के मुद्दों से अवगत होंगे। वे लोगों के बीच से आने वाले मुद्दों से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराएंगे।

इन बैठकों के लिए अगले एक साल का शेड्यूल तय किया जा रहा है। इसी तरह राज्य सरकार में कांग्रेस कोटे के चारों मंत्रियों को राज्य के पांच प्रमंडलों में प्रत्येक दो माह पर एक बार बैठक कर पार्टी संगठन और जनसमस्याओं से जमीनी तौर पर अवगत होकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक हर माह किसी एक एमएलए के क्षेत्र में होगी। इसका शेड्यूल कांग्रेस विधायक दल के नेता तय करेंगे। के. राजू ने कहा कि सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र में कांग्रेस विधायकों को सक्रिय रूप से भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें प्रत्येक विभाग के डिमांड और ग्रांट से जुड़ी चर्चा में भाग लेने को कहा गया है।

(सोर्स-आईएएनएस)

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