उत्तर प्रदेश: आजमगढ़ में बदहाल हुई स्वास्थ्य व्यवस्था,चुनावों में हवा-हवाई दावे कर रहे प्रत्याशी!

अंबेडकरनगर जनपद के आनंद जायसवाल कहते हैं -'भाजपा शक्ति केंद्र के संयोजक वेद प्रकाश मौर्य के चाचा की किडनी खराब हो गई। उनका इलाज आजमगढ़ चल रहा था, वहां से उन्हें लोहिया अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया गया। आजमगढ़ में स्वास्थ्य सेवायें बेकार हैं।"
चूहों के द्वारा शव के बैग को बुरी तरह कुतरा गया.
चूहों के द्वारा शव के बैग को बुरी तरह कुतरा गया.तस्वीर- द मूकनायक

आजमगढ़। यूपी के आजमगढ़ जिले में आम चुनाव-2024 को लेकर सभी प्रत्याशी बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चौपट है, जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आयुष्मान कार्ड भी लोगों के इलाज में काम नहीं दे रहा है। कहीं लाइट की उचित व्यवस्था न होने के कारण मोमबत्ती की रोशनी में प्रसव कराया जा रहा है। वहीं, मॉर्च्युरी में रखे शव भी सुरक्षित नहीं है। हाल ही में आजमगढ़ जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखे शव को चूहों ने कुतर डाला।

आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी के मजबूत किले के रूप में जाना जाता है। आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में सपा और भाजपा के बीच मुकाबला हो रहा है। 2014 में मुलायम सिंह यादव और 2019 में अखिलेश यादव ने मोदी लहर की चपेट में आने से बचाया था। हालांकि अखिलेश के विधायक बनने के बाद 2022 में हुए उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर भोजपुरी फिल्म कलाकार दिनेश लाल यादव ‘निरूहआ’ ने जीत हासिल की थी। इस बार दिनेश लाल यादव ‘निरूहआ’ को एक बार फिर से भाजपा ने टिकट देकर प्रत्याशी बनाया हैं, जबकि उनके सामने अखिलेश के चचेरे भाई धमेन्द्र यादव चुनाव मैदान में है।

मुस्लिम-यादव (एमवाई) फैक्टर वाले इस क्षेत्र में अखिलेश ने बसपा नेता रहे गुड्डू जमाली को सपा में लाकर धमेन्द्र यादव की राह आसान की है। हालांकि बसपा ने मुस्लिम चेहरे मसूद साबिहा अंसारी को उम्मीदवार बनाकर सपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। आजमगढ़ में अखिलेश ने मोर्चा संभाल रखा है, वहीं भाजपा की ओर से सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी डटे हैं। भाजपा ने राम मंदिर निर्माण, कारसेवकों पर गोलीकांड व परिवारवाद के मुद्दों से सपा पर हमला बोल रखा है।

सपा का मजबूत किला

भाजपा की प्रचंड लहर के बावजूद 2022 के विधानसभा चुनावों में भी आजमगढ़ की सभी पांचों विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी ने चुनाव जीता था और 2017 में चार सीटें जीती थीं। अगड़े-पिछड़ों की सियासी लड़ाई में बदला चुनाव मायावती इस इलाके से तीन बार सांसद चुनी गईं । 2019 में बसपा के टिकट पर सांसद बने रितेश पांडे ने हाथी से उतरकर भाजपा का दामन थाम लिया है। इससे बसपा को झटका लगा। ब्राह्मण बहुल इस सीट पर समाजवादी पार्टी ने कुर्मी जाति के बड़े नेता लालजी वर्मा को चुनाव में उतारकर पिछड़ों का कार्ड चला है। लोगों से बातचीत में साफ लग रहा है कि यहां चुनाव अगड़े और पिछड़ों की सियासी लड़ाई बनकर रह गया है। हालांकि बसपा ने अपने वजूद को बचाने के लिए दलित-मुस्लिम के समीकरण साधने के लिए कमर हयात को चुनाव में उतारा है।

स्वास्थ्य विभाग की बदहाल हालत

आजमगढ़ में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तमाम मामले सामने आये हैं। जिनमें कई मामले चर्चा में भी रहे हैं। सबसे महत्त्वपूर्ण केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना को लेकर यहां के लोगों को को कोई राहत नहीं मिली है। आजमगढ़ के रहने वाले राजा गुप्ता आरोप लगाते हुए कहते हैं आंख के हास्पिटल आयुष्मानकार्ड पर इलाज नहीं हो रहा है।

आजमगढ़ में आयुष्मान कार्ड एक बिना काम का कार्ड बन गया है। जब सरकार की निति और कार्ड से यहां काम नहीं कर रहा है, तो ऐसा कार्ड का क्या मतलब है। सरकार सिर्फ सबको मूर्ख बना रही है। अंबेडकरनगर जनपद के आलापुर विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले आनंद जायसवाल कहते हैं -'भाजपा शक्ति केंद्र के संयोजक वेद प्रकाश मौर्य के चाचा की किडनी खराब हो गई है। उनका इलाज आजमगढ़ चल रहा था, वहां से उन्हें लोहिया अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया गया। आजमगढ़ में स्वास्थ्य सेवायें बेकार हैं।"

मोमबत्ती की रोशनी में गुजारनी पड़ी रात

आजमगढ़ के अतरौलिया स्वास्थ्य केंद्र पर लाइट न होने से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते शनिवार सुबह कटी लाइट रविवार सुबह तक नहीं आयी। जिसके कारण डिलीवरी रूम में महिला मरीजों की हालत खराब दिखी। आरोप है कि इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने जनरेटर भी नहीं चलाया। ऐसे में मरीजों को मोमबत्ती और डिबरी के सहारे रात गुजारनी पड़ी। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आजमगढ़ इंद्रभान तिवारी ने बताया कि पूरे मामले को मैं गंभीरता से देख रहा हूं। अगर बात सही पायी गयी तो कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से शनिवार सुबह से इलाके में लाइट नहीं है।

पोस्टमार्टम हाउस में रखे शव के आँख और अंगूठा खा गए चूहे

पूरा मामला आजमगढ़ जिले के जिला अस्पताल का है। दरअसल, देवगांव कोतवाली के चेवारा गांव के पास एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मृतक की पहचान उनके परिजनों ने राममूरत चौहान (65) निवासी नौमटिया कुशरना थाना केराकत जिला जौनपुर के रूप में हुई थी। बुधवार को शव के पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोग शव को लेने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंंने देखा कि शव के अंगूठे और आंख को चूहों ने खा लिया था। चेहरे को भी कई जगह पर कुतर दिया था।

द मूकनायक से बातचीत करते हुए जौनपुर के रहने वाले धर्मेंद्र चौहान ने बताया-'जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने लापरवाही की है। मेरे चाचा की मंगलवार को आजमगढ़ में मौत हो गई थी। उनका शव पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था। पुलिस ने घटना की हमें जानकारी दी थी। दोपहर हम सब जिला अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन देरी होने के कारण शव का पोस्टमार्टम बुधवार को किये जाने की बात कही गई थी। जिसके बाद शव को मॉर्च्युरी में रखा गया था। जब हम बुधवार को शव लेने पहुंचे तो शव की आंख और अंगूठे को चूहे ने खा लिया था। शरीर पर कई जगह चूहे के कुतरने के निशान दिख रहे थे।" लापरवाही का आरोप लगाते हुए धर्मेंद्र ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

फार्मासिस्ट अरविंद कुमार ने चूहों के आतंक की बात स्वीकार करते हुए बताया कि इस संबंध में सीएमओ को पत्र लिखा गया है। इस मामले में सीएमओ आईएन तिवारी ने द मूकनायक को बताया -"चूहों ने शव को नुकसान नहीं पहुंचाया है। मैं खुद मौके पर गया था। जिस अंगूठे को नोचे जाने की बता कही जा रही है, वह हादसे के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था। चेहरे पर भी हादसे के दौरान के ही खरोंच के निशान हैं। मोर्चरी हाउस में चूहे न आए इसका इंतजाम कराया गया है। कुछ जगहों की जालियां खराब हुईं हैं। उसे जल्द ठीक करा दिया जाएगा।"

चुनाव में ड्यूटी करने वाले भी अस्वस्थ

लोकसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए कुल 19248 मतदान कार्मिक तैनात किए गए हैं। इनमें से 298 कार्मिक ऐसे हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए चुनाव ड्यूटी से छुट्टी देने का आवेदन किया है। ऐसे लोगों की जांच का कार्य सोमवार को विकास भवन में शुरू हुआ। पहले दिन कुल 106 लोगों के स्वास्थ्य की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा की गई।

चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए बहुत से लोग स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर ड्यूटी कटवाने की फिराक में रहते हैं। वहीं बहुत से लोग अधिकारियों के यहां चक्कर काटते हैं। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर ड्यूटी काटने का आग्रह जिले में 298 लोगों ने किया है। इन कार्मिकों के कारणों की सत्यता की जांच के लिए प्रशासन की ओर से मेडिकल टीम का गठन कर इनके द्वारा बताए गए कारणों की जांच कराई जा रही है। जो इस जांच में सफल होगा उसे ही चुनाव ड्यूटी से छुट्टी मिलेगी।

सोमवार को विकास भवन में पहले दिन 106 लोगों मेडिकल कराने के लिए पहुंचे। जांच में 92 लोगों चुनाव ड्यूटी करने के लिए अनफिट पाए गए। वहीं 14 लोग पूरी तरह से फिट पाए गए। मंगलवार को भी आवेदनकर्ताओं के मेडिकल कार्य स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किया जाएगा। जिला विकास अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि पहले दिन कुल 106 लोग आए थे। अभी मंगलवार को भी आवेदन कर्ताओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाएगा।

चूहों के द्वारा शव के बैग को बुरी तरह कुतरा गया.
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